स्टेशन पर यात्रियों को एक नंबर प्लेटफार्म से दो और तीन नंबर प्लेट फार्म पर जाने के लिए अब भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। रेल विभाग जंक्शन के एक और दो नंबर प्लेटफार्म पर एस्केलेटर लगाने जा रहा है। स्वचालित सीढ़ियों के बनने के बाद एक ओर जहां यात्रियों को सहूलियत मिलेगी, वहीं ट्रेन पकड़ने के लिए आने वाले मरीजों को भी आराम होगा।
लखनऊ और दिल्ली की तरह प्रतापगढ़ में भी आने वाले दिनों में यात्रियों को सीढ़ियां नहीं चढ़नी होंगी। रेल विभाग अब रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी बनाने जा रहा है। इससे बुजुर्गों और यात्रियों को आने-जाने में आसानी होगी। स्टेशन को मॉडल बनाने के लिए रेल प्रशासन ने पहली बार इतनी बड़ी पहल की है। सीढ़ी ऐसी होगी कि जो 24 घंटे चलती रहेगी। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र ने बताया कि स्वचालित सीढ़ी के साथ ही उसके बगल फुटओवर ब्रिज भी बनेगा। यात्री फुटओवर ब्रिज से भी प्लेटफार्म पर आ-जा सकेंगे। प्लेटफार्म एक से दो और तीन के साथ पूर्वी सहोदरपुर जाने के लिए फुटओवरब्रिज बना था। सौ साल से अधिक पुराना होने के कारण वह जर्जर हो गया था। फुटओवरब्रिज के सहारे प्लेटफार्म पर जाने वाले यात्री डरे और सहमे रहते थे। इसके चलते गुरुवार को अंग्रेजों के जमाने में बने फुटओवरब्रिज को रेलवे के अफसरों ने तोड़वा दिया।
डीआरएम के आने की खबर पर मची रही खलबलीः प्रतापगढ़। डीआरएम के आने की खबर पर रेल अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मची रही। मैसेज मिलते ही तत्काल रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई के साथ ही चूना का छिड़काव करवा दिया गया। हलांकि डीआरएम प्रतापगढ़ नहीं आए। सुलतानपुर के रास्ते से बनारस निकल गए।
ट्रेन की लेटलतीफी ने यात्रियों को किया परेशानः प्रतापगढ़। हरिद्वार से चलकर इलाहाबाद को जाने वाली हरिदद्वार एक्सप्रेस गुरुवार को 9 घंटे की देरी से प्रतापगढ़ पहुंची। आनंद विहार से चलकर बनारस को जाने वाली ट्रेन जहां सात घंटे लेट रही वहीं बनारस से लखनऊ को जाने वाली वन वीपीएल पैसेंजर तीन घंटे लेट रही। जोधपुर से चलकर वाराणसी को जाने वाली ट्रेन साढ़े छह घंटे की देरी से प्रतापगढ़ पहुंची। इससे यात्री काफी परेशान दिखे।