शासन ने गरीब बुजुर्गों के लिए अंधता निवारण योजना चलाई है। इस योजना के तहत गरीब परिवार के बुजुर्गों को जरूरी समझने पर मुफ्त चश्मा वितरण करने के लिए आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अप्रैल से अब तक 685 चश्मे कागजों पर बांट दिए गए हैं। किन लाभार्थियों को चश्मे दिए गए हैं, उनका नाम भी जिम्मेदार नहीं बता पा रहे हैं।
शासन की ओर से अंधता निवारण योजना का संचालन किया जा रहा है। मगर जनपद में इस योजना का संचालन महज कागज पर हो रहा है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को किसी प्रकार का लाभ स्वास्थ्य विभाग की ओर से नहीं दिया जा रहा है। जबकि शासन की मंशा है कि बुजुर्गों के आंखों की रोशनी न छिनने पाए, समय से उन्हें चश्मा लग जाए। अप्रैल से लेकर अबतक महज 685 बुजुर्गों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुफ्त में चश्मा वितरण किया गया। जिन लाभार्थियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से चश्मा दिया गया है, उनका नाम और पता भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसर नहीं बता पा रहे हैं। विभाग के सूत्र बताते हैं कि इस योजना के तहत 55 की आयु पार करने के बाद वाले लोगों को शासन ने मुफ्त में चश्मा वितरण करने का आदेश सीएमओ को दिया है। इसके बावजूद जिम्मेदार चश्मा वितरण नहीं कर रहे हैं। कागजी कोरम से बचने के चक्कर में फर्जी तरीके से 685 बुजुर्गों को चश्मा वितरण किया गया है। जिन लोगों को चश्मा दिया गया है उनका नाम और पता नहीं है। विभाग के ही कुछ लोग बताते हैं शासन को भेजे गए रिपोर्ट में अंकित संख्या उन लोगों का है जो पैसा देकर सरकारी अस्पताल से चश्मा की खरीदारी किए हैं।