शहर की पहचान अब दिनभर जाम व अतिक्रमण बन रहा है। शहर की सूरत बदलने के लिए जिला प्रशासन को वाहन स्टैंड के लिए ठोस कदम उठाना होगा। जिला अस्पताल, जीआईसी व जीजीआईसी के पास वाहन स्टैंड बने तो चोरी की घटनाओं के साथ ही लोगों को हर दिन लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकती है। शहर में अवकाश के दिन भी लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ता है। दुकानदार से लेकर राहगीर व खरीदारी करने वाले लोगों के साथ ही मरीजों को भी जाम की समस्या से परेशान होना पड़ता है। अस्पताल पहुुंचने के पहले मरीज को लेकर फर्राटा भरने वाली एंबुलेंस को भी जाम में पिसना पड़ता है। कभी-कभी दर्द से तड़प रहा मरीज इलाज के अभाव में अस्पताल पहुंचने के पहले ही दम तोड़ देता है। इसके पीछे सड़कों पर अतिक्रमण व वाहनों का खड़ा होना प्रमुख कारण पुलिस से लेकर जिला प्रशासन के अफसर मानते हैं।
पुलिस का मानना है कि इस समस्या का हल एकमात्र वाहन स्टैंड है। जिला अस्पताल, जीआईसी व जीजीआईसी के पास वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान है। यदि इन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था कर दी जाए और दुकानदार से लेकर दूसरे लोगों पर नियम लागू करते हुए नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया जाए। जिससे लोग अपना वाहन स्टैंड में खड़ा करने लगेंगे। दुकानदार भी अपने सामान को दुकान के भीतर रखेंगे। इससे जाम की समस्या का काफी हद तक निस्तारण हो सकेगा। वाहन स्टैंड बनने से चोरी की घटनाएं भी रुकेंगी और लोगों की समस्या भी दूर हो जाएगी। मौजूदा समय में सबसे बुरा हाल चौक से लेकर कचहरी व कचहरी से लेकर भंगवाचुंगी, पंजाबी मार्केट, फल मंडी, सब्जी मंडी में है। जिला व महिला अस्पताल भी चौक- कचहरी मार्ग पर ही स्थित है। एंबुलेंस से आने वाले मरीज भी जाम के झाम में फंसे रहते हैं।