प्रतापगढ़। पंचायत चुनाव के लिए सभी राजनैतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि दलों के बड़े नेताओं की नजर अभी आरक्षण पर टिकी हुई है। राजनैतिक दल जिला पंचायत सदस्य के समर्थित प्रत्याशी आरक्षण तय न होने के कारण घोषित नहीं कर रहे हैं। दावेदारों में वर्तमान के साथ ही नए लोग भी हैं। सभी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार संपर्क कर रहे हैं। राजनैतिक दलों से दावेदारी करने वालों ने अब अपने आकाओं पर आरक्षण उनके पक्ष में कराने के साथ ही टिकट के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
पंचायत चुनाव फरवरी से लेकर मार्च के बीच होने की संभावना है। जिला पंचायत के साथ ही क्षेत्र पंचायत के वार्ड परिसीमन का काम लगभग हो चुका है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के बाद उसका प्रकाशन भी हो चुका है। अब लोगों से मिली आपत्तियों का निस्तारण कराया जा रहा है। राजनैतिक दल आरक्षण के इंतजार में प्रत्याशी तय नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस से टिकट के लिए अभी से दावेदार सक्रिय हो गए हैं। पुराने के साथ ही नए दावेदार भी सभी दलों के बड़े नेताओं के सामने समस्या बने हुए हैं। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए राजनैतिक दलों के बड़े नेताओं के सामने दावेदार अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए पार्टी से समर्थन दिलाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि राजनैतिक दलों के नेताओं की निगाह सीटों के आरक्षण पर टिकी हुई है।
15 जनवरी के बाद ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना
पंचायत चुनाव संपन्न कराने की तैयारियों के बीच पंचायती राज विभाग आरक्षण की तैयारी के लिए जातिवार डाटा विकासखंड स्तर पर फीड करा रहा है। अभी शासन स्तर पर आरक्षण को लेकर कई तरह के मंथन चल रहे हैं। पूर्व के आरक्षण को शून्य घोषित कर नए सिरे से पंचायत व वार्डों के आरक्षण के साथ ही चक्रानुक्रम में आरक्षण करने की प्रक्रिया पर विचार विमर्श चल रहा है।
पंचायत चुनाव में पुलिस मित्र बनेंगे सारथी
पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। जेल में बंद अपराधी भी प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख बनने की फिराक में हैं। उनके कई करीबियों ने भी चुनाव मैदान में उतरने के लिए ताल ठोक दी है। पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस भी तैयारी कर रही है। जिला बदर, गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ ही पुलिस मित्रों के सहयोग से अपराधों पर अंकुश पाएंगे। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी अपने इलाके के पुलिस मित्रों के संपर्क में लगातार बने हुए हैं।
लगातार बनाए जा रहे गैंग, सोशल मीडिया पर खुफिया विभाग की नजर
अपराधियों पर काबू पाने के लिए पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि अपने इलाके के उन युवाओं के खिलाफ गैंग पंजीकरण की कार्रवाई करें। जो संगठित गिरोह बनाकर अपराध कर रहे हैं। संगठित अपराध करने वाले अपराधियों पर पुलिस का फोकस बना हुआ है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि पंचायत चुनाव या उसके पूर्व खूनखराबा न हो सके। मौजूदा समय में सोशल मीडिया पर खुफिया विभाग की नजर है। भड़काऊ पोस्ट के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों को चिह्नित कर पुलिस कार्रवाई करेगी।