त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में कुंडा, बाबागंज, विहार और कालाकांकर ब्लाकों में गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। कुंडा में शांतिपूर्ण मतदान कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। अंतिम चरण का चुनाव जिला प्रशासन के लिए अग्नि परीक्षा माना जा रहा है। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 18 और बीडीसी सदस्य के 2,111 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला छह लाख सात हजार 631 मतदाता करेंगे। सुबह सात बजे से प्रारंभ होने वाले मतदान के लिए जिला प्रशासन ने बूथ लुटेरों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं।
जिले में चौथे और अंतिम चरण का मतदान गुरुवार को है। 29 अक्तूबर को होने वाले चुनाव में 334 मतदान केंद्र और 834 बूथ बनाए गए हैं। जिला पंचायत सदस्य की दस सीटों पर निर्विरोध चयन होने के कारण सिर्फ पांच सीटों पर मतदान होगा। कालाकांकर तृतीय, बाबागंज प्रथम, विहार द्वितीय, विहार चतुर्थ, कुंडा द्वितीय और विहार पंचम की आंशिक सीटों पर मतदान होगा। जिला पंचायत सदस्य की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव में 18 प्रत्याशी मैदान में होंगे। इसमें कालाकांकर तृतीय से 4, बाबागंज प्रथम 3, विहार द्वितीय 4, विहार चतुर्थ में 4 और कुंडा द्वितीय में 3 प्रत्याशी मैदान में होंगे। चार विकास खंडों में 356 बीडीसी सदस्यों के लिए 2,111 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें सबसे अधिक बाबागंज में 575, कुंडा में 571, विहार में 566 और कालाकांकर में 399 प्रत्याशी मैदान में हैं।
कुंडा में प्रत्याशियों की शिकायत पर चुनाव आयोग की नजरें टिकी होने के कारण जिला प्रशासन के लिए निष्पक्ष चुनाव कराना चुनौती बना हुआ है। हालांकि जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सक्सेना तीन दिन से कु़ंडा में कैंप किए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों की नकेल कसने के साथ ही अवैध वाहनों की जांच का अभियान चला रखा है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन की पहल कितनी सार्थक होती है।