प्रशासन की लापरवाही से खैरा पूरे छेमी बूथ पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसकी जानकारी होने पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एडीएम के मानमनौवल पर दोपहर बाद ग्रामीण मतदान करने को राजी हुए।
रामपुर संग्रामगढ़ विकासखंड के खैरा पूरेछेमी गांव में प्राथमिक विद्यालय नहीं होने से यहां के लोग पूरे शंकर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मतदान करते हैं। दो साल पहले खैरा पूरे छेमी गावं में प्राथमिक विद्यालय बनकर तैयार हो गया। शुक्रवार को जिला व क्षेत्र पंचायत का चुनाव कराने के लिए खैरा पूरेछेमी पोलिंग पार्टी रवाना की गई। लेकिन प्रशासन ने खैरा पूरेछेमी में मतदान स्थल पूरे शंकर न दिखाते हुए प्राथमिक विद्यालय खैरा पूरे छेमी दर्ज करा दिया। इसके आधार पर पोलिंग पार्टी उक्त प्राथमिक विद्यालय पर शुक्रवार को शाम पहुंच गई। इसकी जानकारी पूरे शंकर बूथ के लोगों को हुई तो उन्होंने अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई।
देर रात एडीएम भारी फोर्स के साथ खैरा पूरे छेमी परिषदीय विद्यालय पहुंचे और छानबीन कराई तो इस पंचायत चुनाव के दौरान एक भी मतदान केन्द्र स्थल में बदलाव नहीं मिला। इस पर एडीएम ने पोलिंग पार्टी को पूरे शंकर प्राथमिक विद्यालय भेजवा दिया। इस पर खैरा पूरे छेमी गांव के लोग भड़क उठे और मतदान में बहिष्कार का निर्णय ले लिया। शनिवार को सुबह पूरे शंकर पर मतदान शुरू हुआ तो खैरा पूरे छेमी गांव के लोगों ने बहिष्कार कर दिया। प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। एसडीएम समेत मतदान में लगे सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट समझाने पहुंचे लेकिन ग्रामीण मतदान बहिष्कार पर अडिग रहे। अधिकारियों के निर्देश पर एडीएम पुनीत शुक्ला गांव पहुंचे और घंटे भर मान मनौव्वल कर ग्रामीणों को मतदान के लिए तैयार किया। तब जाकर दोपहर बाद खैरा पूरे छेमी के लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया और प्रशासन ने राहत की सांस ली।