जिले में चौथे और अंतिम चरण में होने वाले चुनाव में जिला पंचायत सदस्य की आधी से अधिक सीटों पर निर्विरोध चयन हो सकता है। कुल 15 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए अधिकांश क्षेत्र ऐसे हैं जहां सिर्फ दो या तीन प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भरा है। भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भी इन क्षेत्रों में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।
जिले में चौथे और अंतिम चरण में कुंडा में 5, विहार में 4, बाबागंज में 4 और कालाकांकर में 2 जिला पंचायत सदस्यों के लिए चुनाव होगा। कुल 15 पदों के लिए 52 प्रत्याशियों के पर्चा भरा है। इसमें बाबागंज की चार सीटों के लिए 14, विहार की चार सीटों के लिए 21, कालाकांकर की दो सीटों के लिए 6, कुंडा में 5 सीटों के लिए 11 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी ठोंकी है। कुंडा प्रथम, तृतीय, चतुर्थ और पंचम में दो-दो प्रत्याशी हैं और कुंडा द्वितीय सीट पर तीन प्रत्याशी हैं।
इसी प्रकार बाबागंज की दो सीटों पर तीन-तीन प्रत्याशी हैं। प्रत्याशियों की इतनी कम संख्या को देखते हुए राजीनीतिक पंडित कयास लगा रहे हैं कि अधिकांश सीटों पर निर्विरोध चयन हो सकता है। मगर निर्विरोध चयन होने वालों की असली तस्वीर शुक्रवार को तीन बजे के बाद ही उभर कर आएगी। बता दें कि शुक्रवार को तीन बजे तक नाम वापसी और उसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा।
उधर कुंडा में प्रत्याशियों के निर्विरोध चयन को लेकर राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष के लोग नामांकन करने वाले अन्य प्रत्याशियों पर डोरा डालने की चाल चल रहे हैं। आश्चर्य की बात यह रही कि कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों ने भी जिला पंचायत सदस्य की अधिकांश सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारा है, मगर कुंडा और बाबागंज में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।