शासन के आदेश पर ग्राम पंचायतों के आरक्षण की अनंतिम सूची को ही अधिकारियों ने अंतिम रूप दे दिया। सभी आपत्तियों को जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। एक भी गांव के आरक्षण में बदलाव नहीं दिखा। इससे लोगों की आस अधूरी रह गई। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से गत दिनों ग्राम सभाओं के आरक्षण के लिए अनंतिम सूची प्रकाशित की गई थी। गांव के लोगों से आपत्तियां मांगते हुए सभी के निस्तारण की बात अधिकारियों ने कही थी।
जिले की 1255 ग्राम सभाओं में आरक्षण व सामान्य सीटों के विरोध में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए साढ़े तीन सौ लोगों ने विरोध जताते हुए आपत्तियां दाखिल की थीं। जिला पंचायत राज अधिकारी कुंवर सिंह यादव का दावा है कि उन्होंने सभी आपत्तियों को देखा। कोई भी ऐसी आपत्ति नहीं मिली, जिसका कोई आधार हो। इसलिए सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया गया। बुधवार को 1255 ग्राम सभाओं के आरक्षण की अंतिम सूची प्रकाशित की गई। जिसे देखने के लिए ब्लाकों में ग्रामीणों का जमघट लगा रहा। हालांकि आपत्तियां देने वालों को जोर का झटका लगा। उनकी आस अधूरी रह गई। इस पर जिलाधिकारी की मुहर लगने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। वहां से आठ अक्तूबर को आरक्षण पर मुहर लगेगी।