शनिवार को अधिसूचना जारी होने के साथ ही मतदाता बनने के लिए अंतिम दिन फार्म जमा करने के समय को देखते हुए ब्लाक व तहसीलों में मारामारी होती रही। प्रधानी के दावेदारों का जमघट लगा रहा। ब्लाक कर्मचारियों के मनमाने रवैये पर नाराजगी जताते हुए लोग हंगामा भी करते रहे।
मतदाता बनने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सात नवंबर तक आखिरी मौका दिया था। इसके चलते शनिवार को जिले के हर ब्लाक, तहसील में पंचायत चुनाव में नए मतदाता बनने वालों की भीड़ नहीं बल्कि प्रधान के पद के दावेदारों व उनके करीबियों की भीड़ ज्यादा दिखी। वे अपने करीबियों का नाम बढ़वाने के लिए दिन भर पसीना बहाते रहे। सदर, मंगरौरा, शिवगढ़, पट्टी, गौरा, आसपुर देवसरा, मानधाता समेत दूसरे ब्लाकों से लेकर तहसीलों में ऐसे लोगों का जमघट देखने को मिला।
सदर ब्लाक में मतदाता फार्म न जमा करने पर हंगामा होता रहा। कमोवेश यही हाल दूसरे ब्लाकों में भी रहा। हर गांव के संभावित प्रत्याशी अपने करीबियों का नाम बढ़वाने के लिए जोर-आजमाइश करते रहे। बीएलओ और ग्राम विकास अधिकारियों के घरों पर सुबह से ही प्रत्याशी व उनके समर्थक हस्ताक्षर कराने के लिए डटे रहे। अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला ने बताया कि जो भी आवेदन मिले हैं उनकी जांच कराई जाएगी। खामी मिलने पर आवेदन फार्म निरस्त कर दिया जाएगा।