बीडीसी चुनाव के बाद प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने अब दावतों का दौर शुरू कर दिया है। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए वे दिन में कहीं और तो रात में दूसरे ठिकाने पर बैठकर रणनीति बनाते हैं। वे मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाने के लिए हर जतन कर रहे हैं।
प्रधान पद के चुनाव की अधिसूचना भले ही शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की है, लेकिन चुनाव लड़ने वाले दावेदार काफी पहले से तैयारी कर रहे थे। जैसे ही बीडीसी चुनाव की मतगणना के बाद नतीजा सामने आया कि उसी के बाद से ही प्रधान पद के चुनाव के लिए भागदौड़ तेज हो गई। बीडीसी सदस्य पद का चुनाव हारे लोग भी प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में कूद पड़े। इससे पहले से ही तैयारी कर चुके लोगों का समीकरण बिगड़ गया।
ऐेसे में प्रधानी के दावेदार दिन में कहीं और तो रात में दूसरे ठिकाने पर बैठकें कर अपनी रणनीति बना रहे हैं। इसके लिए दावतों का दौर भी चल रहा है। हर प्रत्याशी ने मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। मतदाता भी मौन धारण कर दावतों का लुत्फ उठा रहे हैं। कोई प्रत्याशी संग खुल रहा है तो अधिकांश प्रत्याशियों को इशारे में साथ रहने का भरोसा देते हुए समझाते हैं। भले ही प्रत्याशियों की यह सेवा कुछ दिनों के लिए ही हो, लेकिन उनकी दावतों में मतदाताओं की भीड़ जुट रही है।