जिला पंचायत सदस्य चुने गए लोगों को प्रमाणपत्र बांटने में जिला प्रशासन को पसीना छूट गया। रात करीब ढाई बजे तक विजयी प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र बांटे गए। अफीम कोठी में मतों की गणना करने में फेल होने वाले अफसरों की लापरवाही के चलते देर रात तक प्रत्याशी और समर्थकों का जमावड़ा रहा। इधर डीएम आवास पर पुनर्मतगणना की मांग कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़कर बाहर किया।
जिले के 17 ब्लाकों में रविवार को हुई मतगणना का परिणाम सोमवार की सुबह तक घोषित कर दिया गया, मगर जिला पंचायत सदस्य के नतीजे घोषित करने में जिला प्रशासन को पसीना छूट गया। ब्लाकों से गणना चार्ट लेकर आने वाले निर्वाचन अधिकारियों का आंकड़ा कंप्यूटर की फीडिंग में फेल हो गया। प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य के वार्ड में कितने मत पड़े और कितने मत किस-किस प्रत्याशी को मिले। इसका खाका तैयार करने में वे फेल हो गए। इससे परिणाम घोषित होने में काफी समय लग गया। परिणाम आने में देरी होते देख प्रेक्षक स्वयं अफीम कोठी पहुंच गए। वहां के हालात देखकर वह भी परेशान हो गए।
इधर प्रमाणपत्र मिलने में हो रही देरी देखकर प्रत्याशी और समर्थक गड़बड़ी की आशंका के चलते अफीम कोठी के बाहर बड़ी संख्या में जमा होने लगे। प्रमाणपत्र बंटने का इंतजार कर रहे पूर्व मंत्री के मीडिया प्रभारी विनोद पांडेय को पुलिस ने जबरन बाहर निकालने के साथ ही प्रवेश द्वार पर चौकसी तेज कर दी। इधर डीएम के बंगले पर कुंडा से आईं बसपा समर्थित प्रत्याशी चंदा देवी पुर्नमतगणना की मांग कर रही थीं। देर रात तक आवास के बाहर जमा रहने पर पुलिस ने डंडे के बल पर भगाया। इससे बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सोमवार की रात आरओ रामसिंह वर्मा, प्रेक्षक अरविंद नारायण मिश्र, डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव, एसडीएम सदर जेपी मिश्र, एएसपी दिनेश सिंह की मौजूदगी में विजयी प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र वितरित किया गया।