जिला पंचायत सदस्य पद के 49 और बीडीसी सदस्य पद के 1450 पदों के लिए हुई मतगणना का परिणाम सोमवार देर रात तक घोषित करने का सिलसिला जारी रहा। रात सवा आठ बजे तक 42 जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम घोषित कर उन्हें प्रमाण पत्र दे दिया गया था। 7 सदस्यों के नतीजे आरओ की गणित फेल होने के कारण लटके हुए थे। देर रात तक अफीम कोठी में प्रत्याशियों और समर्थकों का मजमा लगा रहा।
जिले के 17 ब्लाकों में बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए होने वाली मतगणना सोमवार की सुबह होते-होते समाप्त हो गई। बीडीसी सदस्य के 1450 पदों का परिणाम तो ब्लाकों में घोषित कर दिया गया, मगर जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम अफीम कोठी में घोषित करके प्रमाणपत्र वितरित किया जा रहा था। ब्लाक से चुनाव खत्म कराकर अफीम कोठी आने वाले आरओ की गणित फेल हो गई।
प्रत्याशियों के मतों का जो आंकड़ा उन्होंने एकत्रित किया था, वह कुल पड़े मतों की संख्या से मेल नहीं खा रहा था। जिला पंचायत सदस्य चुनाव के आरओ रामसिंह वर्मा ने जब प्रत्याशियों के आंकड़ों का डाटा देखा तो उन्होंने फटकार लगाते हुए इसे नए सिरे से तैयार करने को कहा। सांगीपुर के आरओ ने अवैध मतों का विवरण ही नहीं भरा था। इससे नाराज आरओ ने नए सिरे से डाटा तैयार करने को कहा। यह किसी एक ब्लाक के आरओ के साथ नहीं था, बल्कि अधिकांश चुनाव अधिकारियों ने गड़बड़ी की थी। इसलिए उन्हें ठीक करने में रात हो गई। रात सवा आठ बजे तक 42 जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम जारी किया गया था। सात सदस्यों का परिणाम आना बाकी था।
परिणाम देर से आने पर प्रेक्षक ने अफीम कोठी में पहुंचकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिला पंचायत सदस्य के आरओ रामसिंह वर्मा ने बताया कि सभी ब्लाकों के आरओ को बुलाकर कुल पड़े मत और प्रत्याशियों को मिले मत से मिलान किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि देर रात तक सभी सीटों का परिणाम जारी कर दिया जाएगा।