साइकिल, शादी अनुदान और आवास के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन में प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटेल के कार्यक्रम में अधिकारियों ने दिव्यांगों का तमाशा बना दिया। उन्हें हाल में जगह तक नहीं दी गई। शीतलहर और ठंड के बीच करीब 34 दिव्यांगों को हाल के पीछे खुले में ट्राइसाइकिल पर बैठा दिया गया। करीब तीन घंटे तक वह कांपते रहे और किसी ने उनकी सुधि नहीं ली। प्रभारी मंत्री समेत जिले के बड़े सपा नेता और अफसर सरकार के गुणगान के साथ एक-दूसरे को नायक बताने में जुटे और दिव्यांग ट्राईसाइकिल पर सिहरते रहे। आखिकार करीब एक बजे सूर्यदेव को उन पर तरस आया और उन्होंने आंखें खोलीं। हल्की धूप से कांप रहे दिव्यांगों को थोड़ी राहत मिली। समापन के बाद प्रभारी मंत्री के साथ उनसे मिलने का कोरम पूरा किया गया।
शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल की मौजूदगी में साइकिल, शादी अनुदान और आवास का स्वीकृति पत्र सौंपने के लिए जिलेभर से लाभार्थियों को बुलाया गया था। प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम दिन में करीब साढ़े 12 बजे निर्धारित किया गया था, मगर लाभार्थियों को सुबह दस बजे ही बुला लिया गया था। साढ़े बारह बजे तक एक-एक कर अफसर और नेता आते रहे और हाल में मंच और आगे लगीं कुर्सियों पर बैठते गए। जिन अफसरों पर कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी थी उन्होंने 34 दिव्यांगों को हाल के बाहर ठंड में ट्राइसाइकिल पर बैठा दिया गया। एक बजे प्रभारी मंत्री के आने के बाद एक दूसरे को नायक बताने और सपा सरकार की योजनाएं गिनाने के लिए भाषण शुरू हो गया। मंच संचालक प्रभारी मंत्री और जिले के शीर्ष अफसरों की वाहवाही करते रहे, लेकिन इस दौरान किसी ने बाहर ठंड से कांप रहे दिव्यांगों की तरफ देखना भी मुनासिब नहीं समझा। अंत में सिर्फ खानापूर्ति की गई।
वहीं अफसर प्रभारी मंत्री के गुणगान में इस कदर डूबे थे कि उन्हें इसके सिवा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। कंधई इलाके के खुशा का पुरवा निवासी दिव्यांग श्रीराम का गुर्दा खराब हो चुका है। वह एक पैर से दिव्यांग है और शुगर से भी परेशान है। प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में पत्नी उसे ट्राली पर पुआल का बिस्तर बनाकर लेकर आई थी। ार्यक्रम स्थल पर पत्नी कैलाशी के साथ ट्राली पर पड़ा श्रीराम अफसरों और नेताओं को देखते ही चिल्ला उठता था कि साहब जरा हमारी भी पीड़ा सुन लीजिए, मगर किसी ने उसकी तरफ मुड़कर नहीं देखा। अफसरों की तिरछी भौहें देखकर पुलिसवाले उसे इतनी दूर ले गए जहां से उसकी आवाज ही न सुनाई दे। मीराभवन वार्ड की सभासद आशा किरण सिंह के नेतृत्व में अपनी व्यथा सुनाने पहुंची महिलाओं ने प्रभारी मंत्री को उस समय घेर लिया, जब वह 23 योजनाओं का शिलान्यास करने जा रहे थे। महिलाओं का आरोप था राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के पात्रों के चयन में अनियमितता बरती गई है। अमीरों का चयन किया गया है और गरीबों को योजना से बाहर कर दिया गया है। प्रभारी मंत्री ने महिलाओं के आरोपों को गंभीरता से सुनने के बाद डीएम को बुलाकर आरोपों की जांच करने और पात्रों को योजना का लाभ देने का निर्देश दिया।