झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक महिला की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां जांच के दौरान पता चला कि उसकी किडनी फेल हो गई है। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ इस मामले की जांच करवा रहे हैं।
मानधाता थाना क्षेत्र के छितपालगढ़ निवासी अनुज प्रताप सिंह पुत्र शंकर प्रताप सिंह ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर बताया कि वह गुजरात में रहता है। घर पर पत्नी दो बच्चों के साथ रहती है। 22 अक्तूबर को उसकी पत्नी रीता सिंह की तबीयत खराब हो गई। बेटे सौरभ और निखिल रीता को लेकर गांव के झोलाछाप डॉक्टर चन्द्रजीत सिंह निवासी पुरैला मानधाता के पास पहुंच गए। आरोप है कि वह चार दिनों तक रीता को अपने क्लीनिक पर भर्ती करके इलाज करता रहा। ब्लड कम बताकर उसे ब्लड भी चढ़वाया। इससे रीता की हालत और बिगड़ने लगी। खून की उल्टी होने लगी। आंखाें में ब्लड जमने लगा।
परिजन रीता को लेकर आननफानन में इलाहाबाद लेकर भागे। इलाहाबाद में पहले डा. ओपी गुप्ता को दिखाया गया, उन्होंने बताया कि किडनी फेल हो गई है, महिला को डाक्टर एसके शुक्ला को दिखाइये। डाक्टर शुक्ला की जांच से स्पष्ट हुआ कि झोला छाप डाक्टर की लापरवाही व गलत इलाज के कारण किडनी फेल हो गई है। अब महिला जीवन मौत के बीच संघर्ष कर रही है। अनुज की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सीएमओ यूके पांडेय का कहना है कि शिकायत आई है। जांच शुरू कर दी गई है। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए टीम गठित की गई है। डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।