ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने के लिए अब पुलिस को कार्रवाई का विशेष अधिकार मिल गया है। ओवरलोडिंग के चलते बदहाल हो रहे लालगंज-कालांकाकर मार्ग को बचाने की कवायद में पीडब्ल्यूडी की पहल पर जिलाधिकारी ने चार थाना प्रभारियाें को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसमें नाकाम रहने वाले थानेदारों की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। लालगंज-कालाकांकर मार्ग इन दिनों ओवरलोड वाहनों के अवैध आवागमन के चलते बदहाल हो गया है। चार महीने के भीतर ओवरलोड ट्रकाें ने इस चमचमाते मार्ग को इतनी जर्जर हालत में पहुंचा दिया कि निजी वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। ओवरलोडिंग मुख्य वजह मान रहे पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता ने बीती पंद्रह जुलाई को जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह को पत्र लिखकर ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर सख्त कदम उठाने के लिए अनुरोध किया था।
इस पर डीएम ने 18 जुलाई को लालगंज, नवाबगंज, संग्रामगढ़ व मानिकपुर थाना प्रभारियाें को पत्र लिखकर ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने का निर्देश दिया। चारों थानों का कुछ न कुछ क्षेत्र लालगंज-कालाकांकर मार्ग तक आता है। इन चारों थानेदाराें को डीएम ने विशेष निर्देश देकर कहा है कि ओवरलोड वाहनों की तुरंत इंट्री रोकी जाए। साथ ही अवैध रूप से चोरी-छिपे लालगंज कालाकांकर मार्ग पर ओवरलोड वाहन मिले तो पुलिस इसे भी सीज कर देगी। डीएम के पत्र से साफ है कि मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों का आवागमन नहीं रुका तो यहां के थानेदारों की कुर्सी भी जा सकती है। खतरे में पड़े मार्ग का अस्तित्व बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरा जोर लगा रहा है।
टोल टैक्स बचाने के फेर में ट्रकों ने बदल दिया रास्ता
लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग के बनकर तैयार होने के बाद राजस्थान, कानपुर आदि स्थानों से वाराणसी, पटना की ओर जाने वाली मालवाहक ट्रकाें का आना-जाना बढ़ गया है। कुछ दिनों बाद ही राजमार्ग विकास प्राधिकरण ने प्रतापगढ़-रायबरेली की सीमा पर करहिया के पास टोल टैक्स लेना शुरू कर दिया। माल लादने का निर्धारित वजन नापने के लिए अलग से कार्यालय खोल दिया गया। टोल टैक्स शुरू होते ही ओवरलोड ट्रकाें के चालकों ने रास्ता बदल दिया। पहले रायबरेली से सलोन होते हुए आने वाले ट्रक अब ऊं चाहार होते हुए कालाकांर-लालगंज मार्ग से गुजरने लगे। इससे ट्रकों का चक्कर थोड़ा बढ़ गया, लेकिन टोल टैक्स और ओवरलोडिंग की चोरी पकड़े जाने की बचत हो गई। बताया जाता है टोल टैक्स के रूप में करीब एक हजार रुपये ट्रकों से लिए जाते हैं। वजन के दौरान ओवरलोड पाए जाने पर कार्रवाई का खतरा भी यहां होता था।