ओवरलोड की वजह से उड़ैयाडीह पावर हाउस से जुड़े 60 गांवों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। आए दिन फीडर फुंकने, लाइन ब्रेकडाउन होने व ट्रांसफार्मर फुंकने का सिलसिला जारी है। उपभोक्ताओं को पांच घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। उमसभरी गर्मी के बीच बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। शिकायत के बाद भी जनप्रतिनिधि अनजान बने हैं।
उड़ैयाडीह पॉवर हाउस से क्षेत्र के 60 गांवों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। उपकेंद्र पर आपूर्ति के लिए पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। गजरिया, लवार और चौपाई इन तीनों फीडरों से गांवों में आपूर्ति की जाती है। मगर उपकेंद्र पर स्थापित मेन ट्रांसफार्मर पर लोड क्षमता से अधिक है। गर्मी में खपत बढ़ते ही उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।
उमस भरी गर्मी में रात-दिन दोनों रोस्टर में अंधाधुंध कटौती की जा रही है। कभी फीडर फुंकने तो कभी लाइन ब्रेकडाउन की समस्या बनी रहती है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग परेशान हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि भीषण गर्मी में शासन के दावे की हवा निकल गई है।
पांच दिन बाद भी नहीं बदला गया ट्रांसफार्मर
पांच दिन बाद भी उड़ैयाडीह बाजार का फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। आपूर्ति व्यवस्था बाधित होने से उमसभरी गर्मी से बाजारवासियों का बुरा हाल है। शिकायत के बाद भी अवर अभियंता ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसे लेकर बाजारवासियों में गहरा आक्रोश है। उड़ैयाडीह मुख्य चौराहे पर लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर पांच दिन पहले फुंक गया था।
बाजारवासियों ने जेई को इसकी सूचना देने के बाद ही इसकी ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई, मगर कोई भी विभागीय जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। बीते पांच दिनों से बाजार में अंधेरा छाया हुआ है। उमसभरी गर्मी में आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान हैं। बाजारवासियों का कहना है कि 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का दावा हवा- हवाई साबित हो रहा है।