आधार कार्ड और खतौनी में नामों का मिलान नहीं होने से फाॅर्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। सर्वर डाउन चलने के कारण किसानों के मोबाइल पर ओटीपी भी नहीं आ रही है। इससे फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज गति नहीं पकड़ पा रही है।
पीएम किसान सम्मान निधि के लिए फाॅर्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया गया है। जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 7,34,337 है। इनमें से अभी तक 87,776 किसानों की फाॅर्मर रजिस्ट्री ही हो सकी है। जनसेवा केंद्र के साथ शिविर और स्वयं मोबाइल के माध्यम से पंजीकरण किया जा रहा है।
दिन में सर्वर न चलने की वजह से किसानों की फाॅर्मर रजिस्ट्री का कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है। रात में ही सर्वर चलता है। हालांकि जनसेवा केंद्र संचालकों को रात में भी फाॅर्मर रजिस्ट्री करने का आदेश दिया गया है। वहीं किसानों की खतौनी और आधार कार्ड में नाम के अक्षरों में मिसमैच होने से भी पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
किसानों को आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए बैंक, डाकघर और जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सर्वर की गति धीमी होने के कारण पंजीकरण के बाद किसानों के मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रही है। इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के गांगपाटी गांव निवासी आलोक तिवारी ने बताया कि उनके पिता के नाम का अक्षर खतौनी और आधार कार्ड से मिलान नहीं हो पा रहा है। इससे पंजीकरण में परेशानी हो रही है। रानीगंज के पूरे राम सहाय गांव निवासी अच्छेलाल ने बताया कि सर्वर न चलने के कारण उनकी मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रही है।
फाॅर्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। राजस्व के साथ कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों की रजिस्ट्री कर रहे हैं। कुछ इलाकों में नेटवर्क की समस्या होने के कारण सर्वर में समस्या आ रही है। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।
विनोद यादव, उप कृषि निदेशक।