शासन ने ग्रामीण मार्ग पर निगम की बसें चलाने के आदेश दिए हैं पर अफसर आदेश को अनदेखा कर रहे हैं। इस वजह से आठ ग्रामीण मार्गों पर एक भी बस नहीं चल रही हैं। नतीजा 60 किमी दूर कुंडा और 20 किमी दूर मदाफरपुर के लोगों को परेशान होना पड़ता है।
निजी वाहनों से सफर तय करना पड़ता है। परिवहन निगम को छह मार्गों पर जनता बस और छह पर मुख्यमंत्री बस चलाने का आदेश था। अभी सिर्फ तीन जनता और एक मुख्यमंत्री बस सेवा शुरू हुई। शासन का आदेश कागजों में ही रह गया है।
आदेश का पालन न होने से कुंडा, मदाफरपुर, हैंसी, रानीगंज, दमदम, कसेरुआ, भगवतगंज, हीरागंज, बाघराय के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। जबकि डिपो के पास अनुबंधित को मिलाकर 83 निगम की बसें हैं।
मदाफरपुर से जिला मुख्यालय 25 किमी है। रोडवेज बस नहीं है। निजी बस से 40 रुपये देने पड़ते है। निजी बस कहीं भी रोक दी जाती है। इससे आने-जाने में ज्यादा वक्त लगता है। - राजीव उपाध्याय, मदाफरपुर
बाघराय से सिर्फ दो सरकारी बस चलती है। छूट जाए तो 100 रुपये में टेंपो-बस बदलकर जाना पड़ता है। - अनिल पांडेय, पूरे ठकुराईन, बाघराय
वर्जन-
कुंडा, मदाफरपुर, मानधाता और दुर्गागंज से निगम की बसों का संचालन किया गया था। डीजल का खर्च नहीं आ रहा था। इसलिए बंद कर दिया गया। रक्षाबंधन से ग्रामीण मार्गों पर बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। - सत्य प्रकाश यादव, एआरएम।
राजीव उपाध्याय
राजीव उपाध्याय