टैक्स बढ़ाने के विरोध में सभासदों ने नगर पालिका की बैठक में हंगामा करते हुए वाकआउट किया। सभासदों का आरोप था कि नगरपालिका परिषद में आय होती है, उसे छिपा लिया जाता है। पहले आमदनी को सार्वजनिक किया जाए, इसके बाद ही नए टैक्स बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
शुक्रवार को नगरपालिका परिषद के मिनी सदन के प्रारंभ होते ही सभासदों ने गृहकर और लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का विरोध करते हुए सदन का बहिष्कार किया। सभासदों का कहना था कि शहर के लोगों को सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया जा रहा है और उन पर कर का एक और बोझ लादना उचित नहीं है।
सदन की बैठक के लिए जारी एजेंडे में गृहकर में दस प्रतिशत के साथ टैक्सी लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी करने का बिंदु भी शामिल था। अस्पताल वार्ड के सभासद मोहिब्बल आफरीन उर्फ पप्पू ने बताया कि नगर पालिका टैक्सी स्टैंड से जो वसूली करवा रही है, उसकी रसीद नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका पहले यह बताए कि शहरियों से कितने रुपये की आय हो रही है और किस कार्य के लिए टैक्स बढ़ाया जा रहा है।
शुक्रवार को सदन में अध्यक्ष प्रेमलता सिंह के पहुंचते ही सभासद विरोध जताते हुए बाहर निकल आए। पहली बार ऐसा देखने को मिला जब सदन में बैठी अध्यक्ष पूरी अलग-थलग पड़ गई। उनके करीबी सभासद भी विरोधियों के साथ नजर आए। हालांकि कोरम के अभाव में अध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी। इस मौके पर अनिल सिंह, ज्ञानेश मिश्र, मालती सिंह, श्रीनाथ यादव, प्रदीप, सुशील कुमार, उदयशंकर मिश्र, प्रेमा देवी, वंदना मिश्रा, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।