12 दिसंबर को शहर की सरकार एक साल की हो जाएगी। नए अध्यक्ष के कार्यकाल में अभी भी शहर में कुछ बदलाव नहीं हो सका है। स्थिति पहले जैसे ही है। सड़क, पानी, बिजली और जाम की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। सबसे खराब हालत सफाई की है। शहर कचरे से पटा पड़ा है। डोर टू डोर कूड़ा उठाने का अभियान बंद पड़ा है। शहर के सीमा विस्तार का मामला भी ठंडे बस्ते में है। ठंड की शुरुआत होने के बाद भी नगर पालिका सो रही है। अध्यक्ष के एक साल के कार्यकाल में काम कम और नगर पालिका में रार ज्यादा ठनी रही। मांगों को लेकर सभासद व सफाईकर्मियों को आंदोलन करना पड़ा।
नगर पालिका की नई अध्यक्ष प्रेमलता सिंह का शपथ ग्रहण समारोह 12 नवंबर को शहीद उद्यान में हुआ था। जिसमे नगर पालिका के सभी वार्डों में शहरियों की सुविधाओं को पूरा करने का संकल्प भी लिया गया। लेकिन लोगों की समस्याएं अभी भी बरकरार हैं। अध्यक्ष के एक साल के कार्यकाल में नगर पालिका में आपसी विवाद ज्यादा रहा। सफाईकर्मी भी वेतन, पेंशन, वर्दी समेत अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर नवरात्र में हड़ताल पर रहे। करनपुर के सभासद विनय सिंह भोला की अगुवाई में सभासदों ने अपने वार्डों की समस्याओं के निराकरण और बोर्ड की बैठक समयानुसार कराने समेत अन्य समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद करते हुए कार्यालय में तालाबंदी कर दी। चेयरमैन और नगर पालिका के अफसरों के बीच तलवार खिंची रही।
जिसका असर नगर पालिका के कामकाज पर भी पड़ा। करीब छह माह से ईओ विहीन नगर पालिका में सफाई निरीक्षक भी नहीं है। एडीएम को जहां ईओ का प्रभार सौंपा गया है। वहीं कर अधीक्षक को सफाई निरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार मिला है। पालिका में अफसरों की कमी के कारण मोहल्लों का निरीक्षण तक नहीं हो पाता। जिसके चलते सभासद बराबर साफ-सफाई के साथ ही प्रकाश व्यवस्था को लेकर शिकायत करते रहते हैं।