। जिले की गर्भवती महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रत्येक माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा। इस अभियान के तहत सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जांच और इलाज होगा। शासन के आदेश के बाद सीएमओ ने तैयारी शुरू कर दी है।
निजी अस्पताल संचालकों को पत्र इसके लिए पत्र भेजा जा रहा है।
कोरोना के चलते प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर रोक लग गई थी। इससे गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज नहीं हो पा रहा था। इससे महिलाएं परेशान थीं। अब शासन ने सीएमओ को पत्र भेजकर कहा है कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान का वृहद स्तर पर आयोजन किया जाए।
सरकारी के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों के एमबीबीएस चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ की देेखरेख में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाए। यदि सरकारी अस्पताल में जांच की व्यवस्था नहीं है तो किसी प्राइवेट सेंटर से कराई जाए। सरकारी दर पर उस सेंटर संचालक को जांच का भुगतान किया जाए। शासन के आदेश के बाद सीएमओ ने जिले के समस्त सीएचसी और पीएचसी के एमओआईसी को इस योजना को सफल बनाने के लिए आदेश दिया है। वहीं निजी अस्पताल संचालकों को पत्र भेजकर माह में एक दिन गर्भवती महिलाओं की मुफ्त में जांच और इलाज करने के लिए कहा है।
सरकारी अस्पतालों में नहीं है अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था
जिले के सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था नहीं है। शासन के आदेश पर सीएमओ श्रीराम तिराहे के पास स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गर्भवती महिलाओं को भेजकर जांच कराते थे। वहीं तहसील स्तर पर रानीगंज, कुंडा, लालगंज और पट्टी में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही है। इससे महिलाएं परेशान हैं।
शासन ने डीएम-एसडीएम को भी दी जिम्मेदारी
शासन ने जिलाधिकारी को जनपदस्तरीय एवं उपजिलाधिकारी को ब्लाक स्तर पर आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर सहयोग करने तो सीएमओ को निजी अस्पताल में सहयोग देने के लिए आदेश दिया है। आशा बहुओं को चिह्नित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सेंटर तक ले जाने का आदेश दिया है।
सभी निजी और सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर प्रत्येक माह की नौ तारीख को मुफ्त में जांच करने और सलाह देने का आदेश दिया गया है। ऐसा न करने वाले चिकित्सकों और निजी अस्पताल संचालकों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
राजशेखर, डीपीएम
सभी निजी अस्पताल संचालकों से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर गर्भवती महिलाओं की बगैर फीस लिए जांच करने और इलाज करने की अपील की गई है। शासन की ओर से अभी किसी प्रकार का बजट देने का प्रावधान नहीं है। अल्ट्रासाउंड के लिए सेंटर चिह्नित किया जा चुका है। दवा सरकारी अस्पताल से दी जाएएगी। निजी अस्पताल संचालक यदि शासन के इस अभियान में सहयोग नहीं करते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।