रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच को नहीं कोई स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
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कोरोना के पांचवें वैरिएंट ओमिक्रॉन की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग अब दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच कराएगा। वहीं विदेश से आने वाले यात्रियों को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी एक सप्ताह होम क्वारंटीन में रहना होगा। इसके बाद फिर जांच होगी और रिपोर्ट निगेटिव आती है तभी उसे बाहर निकलने की अनुमति मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग विदेश से आने वाले हर यात्री पर नजर रखने का दावा कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह विदेश से आने वाले यात्रियों के बारे में एयरपोर्ट प्रबंधन के संपर्क में है। जैसे ही कोई यात्री बाहर से आता है, उसे होम क्वारंटीन किया जाएगा। यदि किसी में लक्षण हैं तो उसकी नियमित जांच कराई जाएगी। इसके अलावा जो अन्य राज्य से बस और ट्रेन से आते हैं तो उनकी भी आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी।
इसके लिए जिले में सैंपल का टारगेट बढ़ा दिया गया है। विभाग का कहना है कि बाहर से आने वालों के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति की जांच कराई जाएगी। इसके लिए स्पेशल टीमों का गठन करने की बात स्वास्थ्य विभाग के अफसर कर रहे हैं। दो मोबाइल टीमें भी बनाई गई हैं।
30 बेड के वेंटिलेटर के साथ तैयार है मेडिकल कॉलेज
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी तैयार है। यहां 30 बेड का आईसीयू विशेष रूप से है, जो कि आपात स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा। सभी वार्डों में साफ सफाई कराया जा रहा है। जो खामियां है उसे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्य देश दीपक दूर करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में तैयारी करीब करीब पूरी हो चुकी है। ऑक्सीजन व वेंटीलेटर की व्यवस्था का इंतजाम कर लिया गया है। एलटू अस्पताल में कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी भी लगाई जा रही है।