अधिवक्ता व विहिप नेता ओम मिश्र की हत्या की साजिश आजमगढ़ जेल में निरुद्घ तौसीम ने रची थी। हत्या में शामिल एक शूटर व फरार नामजद दो आरोपियों को भी जेठवारा पुलिस ने एसटीएफ और स्वाट टीम के सहयोग से दबोच लिया। शूटर के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ है। रेकी करने वाला युवक भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। घटना के बाद फरार आरोपियों को पनाह देने वाले मौसा पर भी पुलिस ने शिकंजा सका है। पुलिस पहले ही दो नामजद आरोपियों को जेल भेज चुकी है। तौसीम जेल में बंद है और प्रकाश में आए दो शूटर समेत पांच आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
महेशगंज के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता व विहिप नेता ओम मिश्र हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसटीएफ प्रयागराज, एएसपी पश्चिमी दिनेश द्विवेदी और एसटीएफ के एएसपी नीरज पांडेय के साथ जेठवारा पुलिस लगी हुई थी। गुरुवार को पुलिस लाइन के सई कांपलेक्स में मीडिया को जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि ओम मिश्र की हत्या आजमगढ़ जेल में बंद महेशगंज के बेलाही निवासी तौसीम पुत्र लियाकत की साजिश से हुई है। तौसीम पुलिस मुठभेड़ के लिए ओम को ही जिम्मेदार मान रहा था। अपने ऊपर दर्ज पहले के मुकदमों में भी ओम को दोषी मानता था। तौसीम के कहने पर ही उसके साथी शादाब उर्फ बाबा पुत्र सगीर निवासी जफरापुर कांपा थाना कंधई, सहजाद पुत्र सरदार निवासी मानधाता और तौहीद अहमद पुत्र इमामुद्दीन निवासी कुटिलया सांडदेई जेठवारा ने ओम की हत्या करने का वादा किया था। जिसके बाद तौसीम के भाई समीर व आमिर 15 जुलाई को ओम मिश्र की रेकी की। ओम को घर से निकलने की जानकारी समीर व आमिर तक इरफान पुत्र कमालुददीन निवासी भौरहन थाना महेशगंज ने दी थी। घटना को अंजाम देने के लिए शादाब उर्फ बाबा व शहजाद अपने साथ पिस्टल लेकर आए थे। तौहीद को आमिर व समीर ने तमंचा दिया था। दोनों भाई डेरवा तक आगे पीछे दिखाई दिए थे। मुस्तफा को भी घटना की जानकारी थी। वह भी बाइक से आगे पीछे चल रहा था। जेठवारा के पास एक बाइक पर सवार शहजाद, शादाब और तौहीद ने ओम की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों भाग निकले थे। घटना के बाद समीर और आमिर अपने मौसा वकील व उसके बेटे नदीम के घर गाबी महुआबन लालगंज में जाकर छिप गए। जहां मुस्तफा भी रुका था। नामजद आरोपी रऊफ और प्रधानपुत्र महेंद्र यादव को पहले ही पुलिस जेल भेज चुकी है। पकड़े गए चारों आरोपियों को जेठवारा पुलिस व एसटीएफ ने गुरुवार भोर में कुटलिया में तौहीद के घर से दबोचा है। तौहीद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हुआ। फरार चल रहे नामजद आरोपी समीर व मुस्तफा के ऊपर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। घटना में शामिल शूटर तौहीद, रेकी करने वाले इरफान और नामजद आरोपी समीर व मुस्तफा को जेल भेजा जा रहा है। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। इस मौके पर एएसपी पश्चिमी दिनेेश , सीओ कुंडा आलोक सिंह व एसटीएफ के निरीक्षक मौजूद रहे।एसपी ने जेठवारा थानाध्यक्ष विनोद यादव की पीठ थपथपाई। पुलिस फरार आरोपी आमिर, शूटर शादाब, शहजादव पनाह देने वाले वकील और नदीम की तलाश कर रहे हैं। तौसीम आजमगढ़ जेल में निरुद्घ है।
शादाब उर्फ बाबा पर दर्ज हैं मुकदमे
कंधई थाना क्षेत्र के जफरापुर निवासी शादाब उर्फ बाबा के ऊपर लूट, जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज है। जबकि तौहीद व शहजाद के आपराधिक इतिहास के बारे में छानबीन की जा रही है। एसपी ने बताया कि शादाब के ऊपर अमेठी व जिले में चार मुकदमे दर्ज हैं। तौसीम के साथ शादाब और शहजाद पहले जेल जा चुके हैं।
ओम की बाइक पर कोई नहीं बैठा था
पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या बाइक सवार तीन लोगों ने की थी। ओम की बाइक पर पीछे कोई नहीं बैठा था। आसपास के लोग भी ऐसी कोई जानकारी नहीं दे सके। सीसीटीवी में भी कुछ नहीं मिला। एएसपी पश्चिमी दिनेश ने बताया कि दरोगा राम बहादुर की पिस्टल लूटने के मामले में मुस्तफा को संदिग्ध माना जा रहा था लेकिन पूछताछ में ऐसा कुछ भी नहीं मिला।
जेठवारा थाने में एसटीएफ और पुलिस से हुई तकरार, लिया बदला
जेठवारा थाने में गुरुवार दोपहर अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। सुबह से एसटीएफ प्रयागराज की टीम डटी हुई थी। लिखापढ़ी के बाद जेठवारा एसओ विनोद यादव चारों आरोपियों को लेकर निकलने लगे। जब फर्द पर एसटीएफ के निरीक्षक व सिपाहियों की नजर पड़ी तो वे दंग रह गए। लिखापढ़ी में उनका नाम नहीं शामिल था। यह देख एसटीएफ की टीम और जेठवारा पुलिस के बीच तकरार होने लगी। जिसे देखने के लिए लोग सड़कों पर खड़े हो गए। कुछ देर तक तकरार के बाद सभी आरोपियों को लेकर एसटीएफ और जेठवारा पुलिस पुलिस लाइन रवाना हो गई। चर्चा होती रही कि समीर को रास्ते से एसटीएफ उठा ले गई थी। जिसका बदला लिया गया। हालांकि एसओ जेठवारा ऐसी बात से इनकार करते रहे।
जेठवारा पुलिस द्वारा अधिवक्ता ओम मिश्रा की हत्या के आरोप में धरे गये शातिर बदमाश।- फोटो : PRATAPGARH