कंधई थाना क्षेत्र के मदाफरपुर देवकली में मंगलवार दोपहर बुजुर्ग जगन्नाथ सरोज को उसकी बहू, पोते व पोती ने मिलकर लाठी- डंडे से पीटकर मार डाला। बीच-बचाव करने दौड़ी दूसरी बहू व उसके बेटी पर भी हमला किया। ग्रामीणों के दौड़ने पर आरोपी पीछे हटे और मौका देखकर भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश देने का दावा कर रही है। देर रात तक मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
देवकली निवासी जगन्नाथ सरोज ( 70) के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा राधेश्याम सरोज करीब दस वर्ष पहले गायब हो गया था। खोजबीन के बाद भी उसका आज तक पता नहीं चला। मझला बेटा विजय बहादुर व छोटा बेटा संतोष कुमार अपनी पत्नी व बच्चों के साथ जगन्नाथ रहता था। छोटे बेटे संतोष की पत्नी सुमन से पैतृक संपत्ति में हिस्से का जगन्नाथ से विवाद चल रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार दोपहर घर के करीब खेत में जगन्नाथ से संतोष की पत्नी सुमन का जमीन और रुपयों की बात पर विवाद होने लगा। इस बीच सुमन के बेटे साहिल, रितिक के साथ बेटी काजल लाठी-डंडा लेकर वहां पहुंच गए। गाली गलौज के दौरान मामला बढ़ गया। आरोप है कि बहू सुमन के साथ पोतों ने मिलकर लाठी-डंडे से बुजुर्ग जगन्नाथ को जमकर पीटा। लाठी-डंडे से उनके सिर पर भी चोट लगी।
लाठी-डंडे से किए गए वार बुजुर्ग जगन्नाथ नहीं सह सके और खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। शोरगुल सुनकर जगन्नाथ की मझली बहू रानी पत्नी विजय व उसकी बेटी शिवानी बीचबचाव करने पहुंचीं।
आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया। सूचना पाकर वहां पहुंची पुलिस ने जगन्नाथ को गंभीर हालत में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिटाई से घायल रानी और शिवानी को भी उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि परिवार के बीच संपत्ति का विवाद था। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।
जगन्नाथ के जमीन बेचने पर बढ़ी थी रार
बहू और पोतों की पिटाई की वजह से जान गंवाने वाले जगन्नाथ अपने मझले बेटे विजय बहादुर के साथ रहते थे। जगन्नाथ सरोज की बहू सुमन अपने हिस्से की जमीन का बंटवारा करने की मांग कर रही थी। सुमन अक्सर आरोप लगाती थी कि जो जमीन जगन्नाथ बेचते थे, उसमें भी उसे हिस्सा नहीं देते थे। बहू सुमन इस बारे में जगन्नाथ की शिकायत पुलिस से भी कर चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेकर दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला सुलझा देती तो शायद जगन्नाथ की जान बच जाती।
पति संतोष भी अलग बच्चों के साथ रहती थी ससुर की हत्यारोपी बहू
कंधई के मदाफरपुर देवकली निवासी जगन्नाथ के साथ बेटे विजय व संतोष रहते थे। कुछ दिनों पहले संतोष व उसकी पत्नी सुमन के बीच पैतृक संपत्ति के बंटवारे के मुद्दे पर विवाद हो गया था। संतोष अपने पिता के साथ खड़ा हो गया और पत्नी की बंटवारे की बात अनसुनी कर कर उसे डपट दिया था। पति का यह रुख देखकर संतोष की पत्नी सुमन अपने तीन बच्चों के साथ मकान के एक हिस्से में अलग रहने लगी थी।
मृतक जगन्नाथ सरोज। फाइल फोटो