स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के समस्या समाधान के लिए क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) और ग्राम संगठन स्तर पर कार्यालय खोले जाएंगे। समूह की महिलाओं को ही कार्यालय संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। सीएलएफ स्तर के कार्यालय शुरू करने के लिए शासन से 3.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। जबकि ग्राम संगठन स्तर के कार्यालय खोलने के लिए 75 हजार रुपये धनराशि दी जाएगी।
समूह की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। कारोबार करने के लिए बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बावजूद इसके समूह महिलाओं की तमाम शिकायतें रहती हैं। उन शिकायतों के निस्तारण के लिए कार्यालय संचालन की कार्य योजना तैयार की जा रही है।
कार्यालय संचालित होने से सीएलएफ और ग्राम संगठन स्तर पर समय-समय पर महिलाओं के काम की समीक्षा की जाएगी। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने बताया कि कार्यालय संचालन के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू किया जाएगा।
फिलहाल ब्लॉक स्तर पर बीएमएम की तैनाती की गई है। उनकी शिकायतों को समाधान भी किया जा रहा है। कार्यालय संचालन होने पर महिलाओं को भी कार्य दिया जाएगा।