फरवरी-मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की तस्वीर साफ होने लगी है।
यूपी बोर्ड में हाईस्कूल के 51,641 और इंटरमीडिएट में 50502 छात्र-छात्राओं ने जिले में अब तक पंजीयन कराया है। विद्यार्थियों के आवेदन के लिए बोर्ड ने 20 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित की है। जबकि बीते वर्ष जिले में हाईस्कूल के 57114 व इंटरमीडिएट के 53775 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था।
जिले में कुल 714 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें 43 राजकीय, 78 एडेड व 593 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। इस बार हाईस्कूल में 5473 व इंटरमीडिएट में 3272 छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी आई है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को पंजीयन बढ़ाने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी पंजीयन नहीं बढ़ सका। वहीं अभिभावकों व छात्रों का सरकारी विद्यालयों के प्रति मोह भंग हो रहा है।
घट रहा सरकारी विद्यालयों के प्रति रुझान
कई राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने बताया कि तमाम प्रयासों के बाद भी विद्यालयों में छात्रों का पंजीयन बढ़ाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अभिभावक व छात्रों का मोह सरकारी कॉलेजों से भंग हो रहा है। कई बार प्रयास करने के बाद भी अभिभावक अन्य बोर्डों के प्राइवेट विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं।
सभी प्रधानाचार्यों को विद्यालय में छात्रों का पंजीयन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिन विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव हैं उन्हें योजना के तहत सुधारा जा रहा है।
- ओमकार राणा, डीआईओएस