अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिजली का बिल निकालने के लिए भी घर-घर दस्तक देंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन ने एक और पहल की है। अब उन्हें विद्युत निगम से जोड़कर रोजगार दिया जाएगा। इन महिलाओं को बिलिंग एजेंसी की ओर से बिल जमा करने पर एक बिल पर 20 रुपये कमीशन दिया जाएगा।
जिले में चार विद्युत पारेषण खंड हैं। रानीगंज, कुंडा, लालगंज व सदर। इसके तहत छह लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें एक लाख से अधिक बकाएदार हैं। गांवों में घर-घर मीटर लग गया है। मीटर रीडिंग करने के लिए उपकेंद्र वार मीटर रीडर की तैनाती की गई है। इसकी जिम्मेदारी एजेंसी ने ले रखी है। मीटर रीडिंग कर मीटर रीडर प्रति माह बिल बनाकर उपभोक्ताओं दे देते हैं, मगर उपभोक्ता समय से बिल जमा करने के लिए काउंटर पर नहीं जाते हैं।
वह बिल जमा करने को लेकर उदासीन बने रहते हैं। इससे बिजली विभाग को लाखों का चूना लग रहा है। अब उपभोक्ताओं से निर्धारित समय पर बिल वसूल किया जाएगा। दरअसल, इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह पहल की जा रही है।
महिलाओं को बिजली बिल निकालने व जमा करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को प्रतिमाह बिल उपलब्ध कराएंगी। यदि कोई उपभोक्ता हाथोंहाथ बिल जमा करना चाहता है तो महिलाएं उनके बिल की धनराशि भी जमा कर सकेंगी। प्रति बिल उन्हें 20 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
स्वावलंबी बनेंगी महिलाएं, बड़े बकाएदारों से करेंगी वसूली
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर बिजली का बकाया वसूलने के पीछे सरकार की मंशा है कि इससे एक तो महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी वहीं, बिजली विभाग का घाटा भी पूरा हो सकेगा। वह बड़े बकाएदारों से संपर्क कर उन्हें बिजली का बिल जमा करने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे राजस्व बढ़ेगा और विभाग का बकाया बिल आसानी से जमा हो सकेगा।
बिल वसूलने का कार्य स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। वह घर-घर जाकर बिल वसूलेंगी। कुंडा व लालगंज में कई गांवों में महिलाओं ने कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही रानीगंज व सदर में भी कार्य शुरू हो जाएगा।
सत्यपाल, अधीक्षण अभियंता