डाकघर के बचत खाताधारकों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे डाकघर के खाताधारक किसी भी बैंक में ऑनलाइन धनराशि स्थानांतरित कर सकेंगे। डाकघर काउंटर, इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के जरिए इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। इस सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों का डाकघर में बचत खाता होना चाहिए।
डाक विभाग द्वारा बैंकों की तर्ज पर बैंकिंग सुविधा दी जा रही है। डाकघर की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल हो गई है। डाक विभाग ने ग्राहकों के लिए एनईएफटी यानी इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा शुरू की है। लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) व सुकन्या समृद्धि योजना के खाताधारक एनईएफटी के जरिए घर बैठे धनराशि जमा कर सकेंगे।
इंटरनेट बैंकिंग अथवा मोबाइल बैंकिंग के तहत एक दिन में अधिकतम पांच ट्रांजेक्शन किए जा सकेंगे। प्रति ट्रांजेक्शन की अधिकतम सीमा दो लाख रुपये तक होगी। हालांकि एक दिन में अधिकतम दस लाख रुपये ही स्थानांतरित किए जा सकेंगे। डाक अधीक्षक नरसिंह ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा से ग्राहकों को सहूलियत मिलेगी।
एक लाख रुपये तक स्थानांतरित करने पर पांच रुपये देगा होगा जीएसटी
दस हजार रुपये तक एनईएफटी करने के लिए खाताधारकों को 2.50 रुपये जीएसटी देना होगा। दस हजार से एक लाख रुपये तक के लिए यह चार्ज बढ़कर पांच रुपये हो जाएगा। एक से दो लाख रुपये तक के लिए 15 रुपये व और दो लाख से अधिक की रकम के लिए 25 रुपये जीएसटी देना होगा। वित्तीय समावेशन में डाकघरों की अहम भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अधिकांश लोगों के खाते डाकघरों में हैं। ऐसे में एनईएफटी सुविधा आरंभ होने से लोगों को काफी सहूलियत होगी।