जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। सीएचसी में भी अब मेडिकल कॉलेज जैसी जांच सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अब खून की महंगी और जरूरी जांचों के लिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी 17 ब्लॉक स्तरीय सीएचसी में हाईटेक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीनें लगा दी हैं। रेफरल सेंटर पर जांच शुरू हो गई है। बाकी अन्य सीएचसी पर अगले सोमवार से पहले शुरू हो जाएगी।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस हैदर ने बताया कि प्रत्येक मशीन की लागत करीब 10 लाख रुपये है। इस मशीन से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, थायराइड, यूरिक एसिड समेत 40 से अधिक प्रकार की जांचें हो सकेंगी। अभी तक ये सुविधाएं सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध थीं।
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निजी पैथोलॉजी के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को निजी पैथोलॉजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें सस्ते दर पर जांचों का लाभ मिलेगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज की दौड़ भी खत्म होगी। समय और पैसे की बचत होगी। सीएचसी में रिपोर्ट कुछ ही घंटों में मिल सकेगी। इससे इलाज में आसानी होगी। किडनी, लीवर और हार्ट के मरीजों को सबसे ज्यादा सहूलियत होगी।
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जांच के अभाव में मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता था। अब दबाव कम होगा। विभाग ने सभी सीएचसी के लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दे दिया है। रेफरल सीएचसी पर जांचें शुरू हो गई हैं, जबकि शेष केंद्रों पर एक सप्ताह के भीतर सेवा शुरू हो जाएगी।
- डॉ. एस हैदर, डिप्टी सीएमओ।