शहर में आवारा पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर नगर पालिका प्रशासन का डंडा चला है। ऐेसे 52 पशुपालकों को चिह्नित करने के बाद नोटिस भेजा जा रहा है। यदि इसके बाद भी पशुपालक नहीं मानते तो तो पालिका जुर्माना वसूलेगी। साथ ही कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
शुक्रवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘हर तरफ आवारा पशुओं का जमघट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शहर में पशुओं के घूमने के मामले को प्रमुखता के साथ उठाया था। इस खबर के बाद कुंभकरणी नींद में सो रहे पालिका प्रशासन की आंखें खुलीं। अफसरों के आदेश पर दुधारू पशुओं को शहर में छोड़ने वाले लोग पालिका के निशाने पर आए। ऐसे लोगों की आनन-फानन में चिह्नित कराया गया। जिसमें शहर के दहिलामऊ उत्तरी, पल्टन बाजार, अस्पताल वार्ड, विवेक नगर, बलीपुर, स्टेशन रोड, सहोदरपुर पश्चिमी समेत अन्य वार्ड में पशुओं को अवारा छोड़ने वाले 52 लोगों को पालिका से नोटिस भेजी जा रही है।
इसके बाद भी यदि पशुपालक अपने मवेशियों को शहर में छुट्टा छोड़ते हैं तो मवेशियों को पालिका प्रशासन पकड़ने के बाद शहर के करीब के गांवों में स्थित गौशाला के हवाले कर देगा। पालिका प्रशासन फिर पशुपालकों से जुर्माना वसूलेगा। अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका अवधेश यादव ने आवारा पशुओं की बाबत कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर दी है। कहा कि यदि सरकारी कार्यालयों के अंदर या बाहर अवारा पशुओं का जमघट मिला तो कार्रवाई के लिए कर्मचारी तैयार रहें।