नोटबंदी के बाद से जमीन का बैनामा करने या कराने वालों पर आयकर विभाग की नजर है। विभाग ने ऐसे लोगों से आय का लेखा-जोखा मांगना शुरू कर दिया है। इसके तहत जिले के 29,913 लोगों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद से संबंधित लोगों के होश उड़े हुए हैं। उधर आयकर विभाग अफसरों का कहना है कि इस पूरी कवायद का मकसद किस भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी को रोकना है।
इन दिनों आयकर विभाग ने जमीन की खरीद बिक्री करने वालों पर नजर गड़ाई है। दरअसल माना जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान काला धन को सफेद करने के चक्कर में बहुत से लोगों ने मकान और जमीन की रजिस्ट्री अपने परिवार के सदस्यों के नाम से करा ली। अधिकांश लोगों ने ऐेसे रिश्तेदारों के नाम बैनामा करा दिया, जिनकी कमाई का कोई जरिया नहीं था। इस बात की भनक लगने पर आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसी क्रम में जिले के 29,913 लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पूछा गया है कि बैनामा कराने के लिए उनके पास इतनी बड़ी तादात में रुपये कहां से आए। इसी तरह जिन लोगों ने जमीन का बैनामा लिखकर रकम प्राप्त की, उनसे भी पूछा जा रहा है कि उन्होंने इस रकम का उपयोग कहां और कैसे किया। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग के मंडलीय कार्यालय फैजाबाद से जारी होने वाला यह नोटिस मिलने पर लोगों में हड़कंप है। सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग स्टांप एवं निबंधन विभ्ााग की वेबसाइट से अब प्रतिदिन होने वाले बैनामे का विवरण एकत्रित कर रहा है और संबंधित लोगों को नोटिस भेज रहा है। इस बारे में एआईजी स्टांप अविनाश पांडेय ने बताया कि नोटबंदी के दौरान से अब तक बैनामा करने या कराने वालों का विवरण आयकर विभाग ने मांगा था। ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है।