नगर क्षेत्र में अवैध तरीके से संचालित 56 डेयरी शहर की सीमा से बाहर नहीं की जा सकीं। जबकि इसकी जिम्मेदारी शासन ने नगर पालिका के साथ-साथ जिला प्रशासन को दी है। सात साल से केवल डेयरी संचालकों को नोटिस थमाया जा रहा है। नतीजा यह है कि डेयरी का गोबर खुले में फेंका जा रहा है। इसकी दुर्गंध के अलावा हर तरफ फैली गंदगी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नगर पालिका क्षेत्र में 25 वार्ड हैं। करीब-करीब हर मोहल्लों में डेयरी का संचालन हो रहा है। नगर पालिका 56 अवैध डेयरी की सूची तैयार कर संचालकों को सात साल से नोटिस जारी कर रही है। शहर के बीचोबीच घनी बस्तियों में संचालित इन डेयरी से स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। खुले में गोबर फेंका जा रहा है। खुले मैदानों में पड़े गोबर के ढेर से मच्छरों के साथ-साथ अनेक बीमारियां पनप रही हैं।
पशुओं को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है, जिससे राहगीर आए दिन दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। शहर के पश्चिमी सहोदरपुर, पल्टन बाजार, मकंद्रूगंज, मीराभवन , सहोदरपुर पूर्वी , विवेक नगर, बलीपुर, टक्करगंज, भैरोपुर, आजाद नगर, चिलबिला, महुली, दहिलामऊ, करनपुर सिविल लाइन, तहसील वार्ड में डेयरी के संचालन से एक ओर जहां शहर में प्रदूषण फैल रहा है, वहीं दूसरी ओर इसकी दुर्गंध से जीना दूभर हो गया है। गोबर बहकर जाने से नालियां चोक हो रही हैं। नगर पालिका के जिम्मेदारों ने शासन के निर्देश पर वर्ष 2015 में शहर में स्थित डेयरी को चिह्नित कर सीमा से बाहर संचालन का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है।
शहर में 56 अवैध डेयरी का संचालन हो रहा है। संचालकों को शहर से बाहर डेयरी के संचालन के लिए नोटिस भेजा जा चुका है। जल्द ही डेयरी संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुदित सिंह, ईओ, नगर पालिक