जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आदेश का अनुपालन नहीं करने पर बंगलूरू की पार्सल कंपनी विहान डायरेक्ट सेलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। आयोग ने बंगलूरू के पुलिस अधीक्षक को वारंट के तामीला का आदेश दिया है।
सदर तहसील के उमरी गांव निवासी उमाशंकर दुबे ने आयोग के समक्ष तीन फरवरी 2025 को वाद दायर किया था। जिसमें उन्होंने बताया कि सदर तहसील के सरायदली निवासी कृष्ण कुमार शुक्ल ने उनसे कहा कि वह बंगलूरू में ऑनलाइन नेटवर्क मार्केटिंग में काम करते हैं। कंपनी ग्राहकों को ऑनलाइन सामान भेेजती है। भुगतान भी ऑनलाइन लेती है। सामान की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होती है। सामान पसंद नहीं आने पर रुपयों की वापसी ऑनलाइन होती है।
जिस पर उमाशंकर ने 15 फरवरी 2022 को 1.09 लाख रुपये का भुगतान कर ब्रांडेड घड़ी मंगाई। पसंद नहीं आने पर घड़ी पार्सल कंपनी को वापस भेज दिया लेकिन कंपनी ने रुपये नहीं दिए। उन्होंने पार्सल कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया लेकिन रुपयों का भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा। जिस पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्र, सामान्य सदस्य सहसराम पांडेय व महिला सदस्य ममता गुप्ता ने पार्सल कंपनी के प्रबंधक मो. इम्तियाज 1.09 लाख रुपये का भुगतान नौ फीसदी साधारण ब्याज की दर से करने का आदेश दिया है।
साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार व वाद व्यय की क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया लेकिन पार्सल कंपनी के प्रबंधक ने आदेश का अनुपालन नहीं किया। आयोग ने प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसपी बंगलूरू को तामीला का आदेश दिया है।