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पर्चा हो गया खारिज फिर भी बढ़ा भाव

Mon, 13 Feb 2017 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
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विधानसभा चुनाव में कूदे निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनावी तराजू में तौला जा रहा है। जातीय समीकरण को दुरुस्त करने के लिए राजनीतिक दलों के उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशियों को अपने पक्ष में करने के लिए उनकी मांग को पूरा करने में परहेज नहीं कर रहे हैं। चुनाव में उन निर्दलीय प्रत्याशियों की भी क्रेज कम नहीं हुई है, जिनका पर्चा खारिज हो गया था।

जिले की सात विधानसभाओं में कूदे प्रत्याशियों ने जीत हासिल करने के  लिए अपनी गोटें बिछाना शुरु कर दिया है। जातीय समीकरण को आधार मानकर जीत को नजदीक देख रहे प्रत्याशियों की नजरें निर्दलीय प्रत्याशियों पर टिक गई हैं। वोट के ठेकेदारों को माध्यम बनाकर निर्दलीय प्रत्याशियों को अपने पक्ष में करने के लिए उनकी हर मांग को पूरा करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। हालांकि अधिकांश प्रत्याशी ऐेसे भी हैं, जो पार्टी से टिकट नहीं मिलने के कारण अगले विधानसभा चुनाव में अपनी क्रेज दिखाने के लिए चुनाव मैदान में कूदे हैं। उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। मगर ऐसे लोग कम ही हैं। अधिकांश निर्दलीय प्रत्याशी भी ऐसे हैं, जो राजनैतिक दलों के ऑफर को स्वीकार कर प्रचार में जुट गए हैं। चुनावी गणित में ऐसे भी लोगों का कद बढ़ गया है, जिनका पर्चा जांच के दौरान खारिज हो गया था। गांव-गांव प्रचार करने वाले प्रत्याशी वोट के मठाधीशों को भी लालच देकर अपने पक्ष में करने में लगे हुए हैं। अब देखना यह है कि उनकी यह गुणा-गणित कितनी सफल होती है।
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वोटरों को धमकी देकर वोट हथियाने की तैयारी


वोट के ठेकेदार दबंग नेताजी को जिताने के लिए मतदाताओं को धमकाकर वोट हथियाने के फिराक में हैं। स्थानीय पुलिस और अफसरों ने अगर दबंगों पर नकेल नहीं कसी, तो वह अपने मकसद में कामयाब हो सकते हैं। मगर अब देखना यह है कि जिला प्रशासन मतदाताओं में व्याप्त भय को दूर करने में कितना कारगर साबित होता है।

विधानसभा चुनाव में कूदने वाले अधिकांश प्रत्याशियों ने वोट के ठेकेदारों को बूथों पर अधिक से अधिक मत डलवाने का ठेका दे दिया है। जिले के अधिकांश विधानसभाओं में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशी यह हथकंडा अपना रहे हैं। इससे वोट के ठेकेदार दबंग गांव की गरीब जनता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिए हैं। वह मतदाताओं को खुलेआम यह धमकी दे रहे हैं् कि अगर मेरे प्रत्याशी को वोट नहीं दिया, तो परिणाम भुगतने को तैयार रहो। मंगरौरा विकास खंड के बरहा गांव निवासी अजय सिंह और अशोक कुमार शुक्ला ने कंट्रोलरुम में शिकायत की है, गांव का ही दबंग ने एक पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान नहीं करने पर हाथ-पैर तोड़ देने की धमकी दी है।
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11 फरवरी को हुई शिकायत का 12 फरवरी को दो बजे तक निस्तारण भी नहीं हुआ था। यह पहली घटना नहीं है, बल्कि इसके पूर्व कुंडा और बाबागंज में मतदाताओं को डराने और धमकाने की शिकायतें बराबर आ रही हैं, मगर जिला प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी राम सिंह वर्मा ने बताया कि कंट्रोल रुम में जो भी शिकायतें आती हैं, उसे सम्बंधित विधानसभा के आरओ और स्थानीय पुलिस को भेजकर निस्तारित कराया जाता है।  
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