पीएचसी के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। जिला महिला अस्पताल से शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन तक नहीं मिला।
जेठवारा थाना के कटरागुलाब सिंह बाजार की रहने वाली सुमित्रा (24) पत्नी छोटू गुप्ता की दस माह पहले नगर कोतवाली के दहिलामऊ में शादी हुई थी। वह गर्भवती थी। गुरुवार को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन सुबह करीब 11 बजे सुमित्रा को लेकर कटरागुलाब सिंह पीएचसी पहुंचे। यहां चिकित्सक गायब थे। आशा के फोन पर एएनएम पहुंची और नार्मल प्रसव करवाया। परिजनों की मानी जाए तो जच्चा और बच्चा दोनों चार घंटे तक स्वस्थ्य थे। आशा ने बताया कि स्वास्थ्य देखकर एएनएम ने घर या फिर मानधाता पीएचसी लेकर जाने के लिए कहा। इस पर परिजन घर ले जाने को तैयार हो गए।
प्रत्यक्षदशियों की मानी जाए तो परिजन उसे लेकर घर चले गए। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगडने लगी। तत्काल उसे लेकर मानधाता सीएचसी पहुंचे। चिकित्सकों ने हालत नाजुक बताकर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सुमित्रा को मृत घोषित कर दिया। सीएमओ यूके पांडेय ने बताया कि यदि चिकित्सकों की लापरवाही से महिला की जान गई होगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।