प्रतापगढ़। खुद को बीमारियों से पीड़ित बताकर चुनाव ड्यूटी से बचने की कोशिश कर रहे कर्मचारी डॉक्टरी परीक्षण कराने नहीं पहुंचे। भेद खुलने के डर से उन्होंने डॉक्टरों से दूरी बनाने में ही भलाई समझी। ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन करने वाले करीब आठ सौ कर्मचारी मेडिकल जांच कराने नहीं आ रहे हैं।
बुखार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हर्ट सर्जरी कराने का दावा कर मतदान ड्यूटी से राहत पाने के लिए अलग-अलग विभागों से करीब 1015 महिला एवं पुरुष कर्मचारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। आवेदकों को सीएमओ कार्यालयों में डॉक्टरों की टीम से परीक्षण कराने के लिए कहा गया। ड्यूटी से राहत पाने के लिए बैंक, इंटर कॉलेज, बेसिक शिक्षा, राजस्व सहित अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों ने आवेदन किए थे। आवेदकों की भीड़ को देख जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी की मेडिकल जांच कराने का निर्णय लिया था। चार दिन से सीडीओ के आदेश पर सीएमओ कार्यालय में डॉक्टरों की टीम कर्मचारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही थी।
बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से राहत पाने के प्रयास में जुटे कर्मचारी अपनी जांच कराने नहीं पहुंचे। सीएमओ ने गर्भवती और नवजात बच्चों की देखभाल कर रही महिला कर्मचारियों और गंभीर रोगों से पीड़ित कुल 215 कर्मचारियों की रिपोर्ट बनाकर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दी है। इनसेट
महिला कर्मचारियों के थे सबसे ज्यादा आवेदन
मतदान ड्यूटी से राहत पाने के लिए आवेदन करने वालों में महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक थी। अधिकांश महिला कर्मचारियों ने गर्भवती होने का दावा कर ड्यूटी से राहत पाने का प्रयास किया था। सीएमओ कार्यालय में आवेदकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने में महिला डॉक्टर भी शामिल थीं। इसकी जानकारी होने के बाद महिला कर्मचारी जांच कराने नहीं पहुंचीं।
मतदान ड्यूटी से राहत पाने के लिए एक हजार से अधिक कर्मचारियों के आवेदन सत्यापन के लिए कार्यालय में आए थे। आठ सौ से अधिक आवेदक स्वास्थ्य टीम से परीक्षण कराने नहीं पहुंचे। इनमें महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक थी। परीक्षण के बाद कुल 215 आवेदकों का सत्यापन जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया गया है।
डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ