राज्य विश्वविद्यालय की ओर से अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन कराने से कई कॉलेजों ने इन्कार कर दिया है। इसका मुख्य कारण खेल का मैदान और शारीरिक शिक्षक न होना बताया जा रहा है। जिले के अधिकांश कॉलेज प्रतियोगिता आयोजन के लिए आवेदन करने को तैयार नहीं है। पिछले सत्र में भी 150 से अधिक महाविद्यालयों ने खेल प्रतियोगिता का आयोजन कराया था। कुलपति ने कहा कि आयोजन नहीं कराने वाले महाविद्यालयों की जांच की जाएगी।
जिले में चार राजकीय, सात अनुदानित और 158 निजी कॉलेज हैं। लगभग 150 कॉलेजों में खेल की कोई व्यवस्था नहीं है। न ही प्रशिक्षक और न ही खेलने के उपकरण। इन कॉलेजों के पास अपना कोई खेल मैदान भी नहीं है। पिछले साल 2022 में राज्य विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित हुई अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में जिले के कुल 19 कॉलेजों ने ही हिस्सा लिया था। जबकि लगभग 150 कॉलेजों ने दूरी बना ली थी। हॉकी की अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन एमडीपीजी कॉलेज में किया गया था। एमडीपीजी कॉलेज को छोड़कर जिले के किसी भी टीम ने हॉकी खेल में प्रतिभाग नहीं किया। मजबूरी में कई कॉलेजों से एक-एक खिलाड़ी का चयन करके विश्वविद्यालय स्तर पर टीम गठित की गई थी।
पिछली बार की तरह इस बार का नजारा भी लगभग एक जैसा ही है। प्रतियोगिता का आयोजन कराने के लिए कुछ ही कॉलेज तैयार है। वहीं, फिर से 150 कॉलेजों ने आयोजन कराने से मना कर दिया है। आयोजन के लिए विश्वविद्यालय ने 12 अक्तूबर तक आवेदन मांगा है। कुलपति डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को खेल में भी प्रतिभाग करना चाहिए। एथलेटिक्स जैसे खेलों में विद्यार्थी स्वयं भी प्रतिभाग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेल आयोजन न कराने वाले कॉलेजों की जांच की जाएगी।