बड़ौदा उप्र क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भुपियामऊ में वीआईपी खाताधारकों को उनकी मांग के अनुरुप भुगतान किया जा रहा है, जबकि आम ग्राहकों के लिए कैश नहीं होने का नोटिस बोर्ड लगा रखा है। यह एक दिन की बात नहीं है, बल्कि आए दिन ऐसी ही हरकत की जा रही है। इससे आम ग्राहकों को रुपये के काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जगेशरगंज में ताला बंदकर शाखा प्रबंधक दूसरे दिन भी गायब रहे।
जिले के बड़ौदा उप्र क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक राजगढ़ में आठ नवंबर के बाद ग्राहकों को रुपये का भुगतान सिर्फ वीआईपी लोगों को ही किया जा रहा है। सुबह छह बजे से लाइन में लगने वाले ग्राहकों के लिए प्रवेश द्वार पर नोटिस लगा दी गई है, कि कैश की व्यवस्था नहीं होने से भुगतान होना संभव नहीं है। आचार्य का पुरवा निवासी विनय यादव, कुसुमी निवासी गंगा प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि एक सप्ताह से प्रतिदिन सुबह छह बजे से लाइन लगा रहे हैं, इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है। दरअसल, बैंक के अंदर रहने वाले शाखा प्रबंधक और कर्मचारी वीआईपी लोगों को उनकी मांग के अनुरुप गुपचुप ढंग से भुगतान किया जा रहा है। स्थानीय ग्राहकों ने इसका जब विरोध किया, तो शाखा प्रबंधक ने बताया कि इन्हीं लोगों की वजह से शाखा चल रही है। बैंक कर्मियों की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत से ग्राहकों में व्यापक आक्रोश है। शाखा प्रबंधक हर्षवर्धन सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन बंद मिला।
इधर मंगलवार को जगेशरगंज स्थित बड़ौदा उप्र क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में दिनभर ताला लटकता रहा। सुबह पांच बजे से लाइन में खडे़ लोगों कर्मचारियों के आने की प्रतीक्षा करते रहे, करीब ग्यारह बजे पहुंचे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने बताया कि मुख्यालय से कैश नहीं मिला है, इसलिए बैंक आज नहीं खुलेगी। नाराज ग्राहकों ने बैंक के सामने नारेबाजी करके अपना गुस्सा शांत किया।
15 के बदले 2 हजार मिलते ही अचेत हुआ बेटी का पिता
पट्टी/आसपुर देवसरा(ब्यूरो)। बीओबी शाखा पर पंद्रह हजार की जगह दो हजार की रकम पाने पर बेटी का पिता बाहर आकर अचेत हो गया। क्योंकि उसकी बेटी की शादी की तिथि नजदीक आ चुकी है।
नोट बंदी को लेकर आम जन की दुश्वरियां अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। नगर में सभी बैंकों के एटीएम पर ताला ही लटकता नजर आ रहा था। शादी विवाह को लेकर भुगतान को लेकर लोग अलग परेशान नजर आ रहे हैं। नगर के बाब शाखा के बाहर वारीकलां गांव निवासी राम लाल वर्मा जिनकी बेटी की शादी 9 दिसंबर को होनी है।
उन्होंंने पंद्रह हजार भुगतान के लिए विड्रॉल फार्म भरा लेकिन बैंक से महज दो हजार मिलने पर जब वह बाहर आया अचानक अफसोस में अचेत हो गया। जिस पर लोगों ने उसे पानी के छीटे डाल कर होश में लाया। राम लाल ने बताया कि वह परेशान है कि आखिर वह बेटी के हाथ कैसे पीले कर पाएगा जबकि उसके पास पैसा होने के बावजूद उसे पैसे मिल नहीं पा रहे है। इधर सरकार कह रही है कि शादियों के लिए अतिरिक्त पैसे निकाले जा सकते है जबकि बैंक सीधे कैश न होने पर मना कर दे रहे हैं।