यह कैसी विडंबना है कि आम आदमी अपनी ही गाढ़ी कमाई के लिए बैंकों में चार-चार घंटे लाइन लगा रहा है, और मिल रहा है उसे दो हजार रुपये । फिलहाल एक दिसंबर से बैंकों में नकदी के लिए और किल्लत हो सकती है। 30 दिसंबर की आधी रात को विभिन्न बैंकों में वेतन और पेंशन का लगभग 64 करोड़ रुपये पहुुंच रहे हैं। इन रुपयों को निकालने के लिए कर्मचारी जब बैंक पहुंचेंगे, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
जिले के केंद्रीय कर्मचारियों, राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के खाते में 30 नवंबर की आधी रात को लगभग 64 करोड़ रुपये पहुंचने वाले हैं। इन रुपये को लेने के लिए जब कर्मचारी और पेंशनर बैंक पहुंचेगा, तो स्थिति और नाजुक हो सकती है। दूसरी तरफ अभी भी जिले की ग्रामीण और शहरी शाखाओं में उमड़ने वाली भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइन देखकर लोगों को पसीना छूट रहा है। बैंक के अंदर का आलम बहुत ही चिंताजनक है। लाइन में खड़े लोग धक्का-मुक्की करने के साथ ही शोर मचा रहे हैं। चार-चार घंटे लाइन में खड़े होने के बाद ग्राहकों को कभी दो हजार, तो कभी चार हजार देकर वापस किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों के अधिकांश बैंकों में कैश नहीं होने के कारण ताला नहीं खोल रहे हैं।