सुहाग की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना कर हरितालिका तीज पर महिलाओं ने मंगलवार को निर्जला व्रत रखा। सवार्थसिद्धि, शोभन, गजकेसरी व पंच महापुरुष योग के शुभ संयोग में सुहागिनों ने शुभ मुहूर्त में पूजन-अर्चन कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। शहर के मां बेल्हा देवी मंदिर, दहिलामऊ शिव मंदिर, घुइसरनाथ धाम, भयहरणनाथ धाम में महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।
शहर के श्रीराम चौराहा, सुभाष चौराहा व अन्य प्रमुख बाजारों में सुहागिनों ने हाथों में मेहंदी रचाई। शाम को सोलह शृंगार कर सुहागिन महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की कच्ची प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन किया।
साथ ही भगवान गणेश की भी आराधना की गई। व्रती महिलाओं ने हरितालिका तीज की कथा सुनी और पूजन-अर्चन के बाद प्रसाद बांटा।
वहीं, ग्रामीण अंचल में भी महिलाओं ने तीज व्रत पर उपवास रखकर विभिन्न शिव मंदिरों में पूजा-पाठ किया। कटरा गुलाब सिंह स्थित भयहरणनाथ धाम में तीज पर मेले का आयोजन किया गया।
ज्योतिषाचार्य विजय विवेकानंद के मुताबिक हरितालिका तीज पर इस बार चार योग का शुभ संयोग रहा। तृतीया तिथि पर सवार्थसिद्धि, शोभन, गजकेसरी व पंच महापुरुष योग का दुर्लभ संयोग रहा। जो इसे अत्यंत शुभ और फलदायी बनाते हैं।