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ट्रांसफार्मर फुंकने से गर्मी में तड़पे कस्बेवासी

Mon, 11 May 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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कस्बे के तहसील रोड पर सीओ आफिस के सामने लगा ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण गर्मी से कस्बेवासी तड़प उठे। भीषण गर्मी के चलते लोगों को सड़क पर टहलते हुए रात बितानी पड़ी। दूसरे दिन भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने पर लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया।
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लालगंज में तहसील रोड पर सीओ आफिस के सामने ढाई सौ केवीए की क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा है। इससे कस्बे के सैकड़ों घरों में बिजली सप्लाई होती है। शुक्रवार की रात ओवरलोड के चलते अचानक यहां लगा ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फुंक गया। ट्रांसफार्मर फुंकने से कस्बेवासी गर्मी में तड़प उठे। शनिवार को भी विभाग खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के बजाय उसकी मरम्मत व कागजी खानापूर्ति में जुटा रहा। शनिवार को दिनभर गर्मी से परेशान लोगों को बताया गया कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत हो गई है। रात के रोस्टर में आपूर्ति मिल जाएगी। रात को दस बजे जैसे ही लाइन लगाई गई ट्रांसफार्मर फिर धमाके के साथ जल गया। इसके चलते शनिवार की रात लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई। कस्बेवासियों के इनवर्टर भी जवाब दे गए।


गर्मी से परेशान लोग सड़क पर टहलते रहे। घर की महिलाएं व बच्चे छतों पर बैठे-बैठे रात बिताने को मजबूर रहे। रविवार को दिन में भी जब ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो लोग आक्रोशित हो गए। कस्बे के वेदमणि त्रिपाठी, ओपी शुक्ला, राजेश प्रजापति, आजाद, रामचंद्र तिवारी, रामलोचन त्रिपाठी, कौशलेश सिंह, देवेश त्रिपाठी आदि का कहना है कि विभाग की लापरवाही के चलते ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका है। जब ट्रांसफार्मर फुंक गया तो उसकी मरम्मत करने के बजाय उसे बदलना चाहिए था। बिजली नही मिलने से परेशान लोग पावर हाउस का दो दिनों से चक्कर काट रहे हैं और विभागीय कर्मचारी ट्रांसफार्मर बदलने को लेकर सिर्फ आश्वासन ही  दे रहे हैं। इस बाबत एसडीओे घनश्याम तिवारी से बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनका मोबाइल पहुंच से बाहर बताता रहा।
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ट्रांसफार्मर फुंकने से कस्बे में पानी की सप्लाई भी बाधित हो गई। सैकड़ों घरों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहे। यहां लोगों के पानी का मुख्य स्रोत जल निगम की टंकी है, मगर कई माह से पानी की दोनों टंकिया खराब हैं। लोग सबमर्सिबल और मोटर पंप लगाकर काम चला रहे हैं। शुक्रवार की रात से बिजली नहीं मिलने कस्बे में जल संकट और गहरा गया है। स्नान करना तो दूर लोगों को खाना बनाने व पीने तक के लिए पानी नहीं मिल रहा है। कस्बे में कहीं कहीं लगे इंडिया मार्का हैंडपंप ही पानी का एकमात्र साधन बने हुए हैं। कई परिवारों के लोग तो प्यास बुझाने के लिए दुकानों से पानी की बोतलें खरीदकर काम चला रहे हैं। बिजली नहीं मिलने से सबमर्सिबल व मोटर पंप बंद होने से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
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