पिछले वर्ष हुई ओलावृष्टि के पीड़ित किसानों को सहायता मिलने की शुरुआत हो गई। सौ से अधिक किसानों को खाद्य एवं रसद मंत्री के साथ डीएम और एसपी ने चेक बांटकर इसकी शुरुआत की। अमर उजाला ने इस मामले को उठाया था। इसके बाद मंत्री ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
खाद्य रसदमंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने रविवार को बेंती कोठी पर जनता दरबार लगाया। इसके पहले उन्होंने पिछले वर्ष हुई बरसात के साथ ओलावृष्टि से खराब हुई किसानों की फसलों के एवज में आए मुआवजे के चेक बांटे। 100 से अधिक किसानों को कोठी पर एसडीएम प्रदीपकुमार ने बुलवाया था। इस दौरान जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और एसपी बलिकरन सिंह यादव भी पहुंचे और खाद्य रसद मंत्री के साथ चेक वितरित किया। उन्होंने सुनवाई करते हुए करीब 200 से अधिक मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. कैलाशनाथ ओझा, प्रमुख कुंडा संतोष सिंह, प्रमुख कालाकांकर बीएन सिंह, प्रमुख विहार प्रफुल्ल सिंह, सपा जिला उपाध्यक्ष छविनाथ यादव, मुकुर सिंह आदि मौजूद रहे।
पिछले वर्ष हुई ओलावृष्टि में तहसील के 53 गांव के 20 हजार से अधिक किसानों का नुकसान हुआ था। पहली किश्त में सरकार ने करीब एक करोड़ रुपये का करीब का बजट दिया था। इसे विहार ब्लॉक के सात गांवों के किसानों को बांट दिया गया था। इसके बाद 2 करोड़ के लगभग बजट फिर आया लेकिन इसे किसानों को प्रशासन ने नहीं बांटा। इस बार हुई बरसात और हवाओं के चलने से हुए नुकसान को देखते हुए अमर उजाला ने इस मुद्दे को जोरदारी से उठाया। पैसा होने के बाद भी चेक न बांटे जाने की बात सामने आई तो प्रशासन परेशान हो उठा। खबर छपने के बाद प्रशासन जागा और किसानों के कुछ आंसू पोंछने का काम शुरू हुआ।