अमर उजाला में खबर छपने के बाद हरकत में आए रेल प्रशासन ने रेलवे कॉलोनी में पनाह लिए हुए कबाड़ियों को वहां से निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही जिन लोगों ने कबाड़ियों को रहने के लिए रेलवे क्वार्टर दिया है उनके खिलाफ भी जांच का निर्देश अधिकारियों ने दिया है। बता दें कि इन दिनों एडीईएन आवास के पीछे वाले कॉलोनी के क्वार्टरों में कबाड़ खरीदने और बेचने का धंधा जोरों से चल रहा है। चोरी-छिपे लोग रेल संपत्तियों को भी कबाड़ की आड़ में पार कर दे रहे हैं। कबाड़ियाें के रहने से रेल परिसर सुरक्षित नहीं रह गया है।
कबाड़ी के वेश में अपराधी भी कॉलोनी में सक्रिय हैं। इससे रेलकर्मी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सोमवार को खबर छपने के बाद स्टेशन अधीक्षक ने एडीईएन अर्जुन सिंह से इस मामले पर बात की। एडीईएन ने कॉलोनी से कबाड़ियों को निकालने और जिन रेलकर्मियों ने क्वार्टर दिया है उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। स्टेशन अधीक्षक केएन शर्मा ने बताया कि एडीईएन ने पड़ताल कराई तो मामला सही पाया गया। कॉलोनी में पनाह लिए कबाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी चल रही है। शीघ्र ही कॉलोनी कबाड़ियों से मुक्त होगी।
अतिरिक्त सदस्य यांत्रिक विभाग रेलवे बोर्ड की अगवानी से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सोमवार को परिवार के सदस्यों के साथ निजी कार्यक्रम में शामिल होने प्रतापगढ़ स्टेशन उतरे रेल अफसर के स्वागत में हर कर्मी खड़ा दिखा। स्टेशन को साफ-सुथरा कर दिया गया। गंदी दिख रही कूड़ेदान की बाल्टियों में आनन-फानन में प्लास्टिक लगा दी गई। स्टेशन के अंदर से बाहर तक चूना डाला गया था। वाहनों के अंदर घुसने पर आरपीएफ वालों ने पाबंदी लगा दी थी। रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य जब तक स्टेशन पर रहे अफरा-तफरी रही। रेलकर्मी से लेकर यात्रियों तक को परेशानी उठानी पड़ी। वाहनों को स्टेशन सीमा से बाहर रोक दिए जाने से लोगों को काफी दिक्कतें आईं। उनको सारा समान पैदल लेकर स्टेशन तक आना पड़ा।