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ट्रेेनों के रद्द होने से बढ़ी परेशानी

Sun, 17 Jan 2016 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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कोहरे की आड़ में निरस्त की गईं गाड़ियों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। वायदे के बाद भी पद्मावत, काशी, जनता और हरिद्वार एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन अभी तक न किए जाने से मुसाफिरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे उनका बड़ा नुकसान भी हो रहा है। ट्रेनों के रद्द होने का लाभ परिवहन विभाग को मिल रहा है। बसों में मुसाफिरों की भीड़ बढ़ गई है। रविवार को पद्मावत एक्सप्रेस और पंजाब मेल निरस्त रही। इन ट्रेनों के मुसाफिरों की भीड़ से प्लेटफार्म भरा रहा।
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रेलवे ने 15 जनवरी के बाद से रद्द की गई गाड़ियों के संचालन की बात कही थी। इसमें से करीब 96 ट्रेनों का संचालन भी शुरू हुआ। मगर इसमें वीवीआईपी ट्रेनों को ही जगह मिल पाई। दूसरी श्रेणी की ट्रेनों का संचालन अभी तक नहीं हो सका है। प्रतापगढ़ से चलकर दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस यहां के लोगों के लिए सबसे सुविधाजनक ट्रेन है। मगर इसका भी संचालन बीच-बीच में रेलवे की ओर से कैंसिल कर दिया गया है। इस रूट की अन्य गाड़ियां वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, हरिद्वार से प्रयाग जाने वाली हरिद्वार एक्सप्रेस और वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस के न चलने से यात्रियों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं।

यात्रियों का कहना है कि उन्हें तो सफर करना ही है। रेल को चाहिए कि वह यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल करे। इतने बड़े पैमाने पर ट्रेनों का कैंसिलेशन इसके पहले कभी भी नहीं हुआ है। 15 जनवरी के बाद इस रूट की कैंसिल की गईं ट्रेनों का भी संचालन शुरू करने की बात रेल प्रशासन ने की थी। मगर अभी तक गाड़ियां नहीं चलाई गईं। जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। डीआरएम एके लोहाटी का कहना है कि ट्रेनों का संचालन रेलवे बोर्ड के ऊपर है। वहां से जो भी आदेश, निर्देश मिलता है उसका पालन किया जा रहा है। ट्रेनों का संचालन कोहरे की वजह से रद्द किया गया है। इसमें से कुछ गाड़ियों को चलाया गया है।
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काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में रविवार को चढ़ रहे यात्रियों को धकेल दिया गया। इससे हंगामा मच गया। ट्रेन कुछ देर तक रुकी रही। हुआ यूं कि प्रतापगढ़ से दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस रविवार को कैंसिल थी। दूर-दराज से ट्रेन पकड़ने आए मुसाफिरों को इसकी जानकारी स्टेशन पर आने के बाद हुई। इससे यात्री निराश हो गए। बाद में नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस आई तो पद्मावत की भीड़ उसमें चढ़ने लगी।

काशी के यात्रियों ने इसका विरोध किया। उन लोगों ने गेट बंद कर लिया। जनरल कोच में चढ़ रहे मुसाफिरों ने अंदर से लोगों ने नीचे धकेल दिया। इससे हंगामा शुरू हो गया। गार्ड ने ट्रेन को रोक दिया। नीचे गिरे यात्रियों को ट्रेन में चढ़ाया गया। उसके बाद ट्रेन चली। एसएस ने बताया कि काशी में पहले से भीड़ थी, पद्मावत के कैंसिल होने से भीड़ बढ़ गई। जिससे यात्रियों को दिक्कतें आईं।

पद्मावत की भीड़ ने काशी के स्लीपर कोच की बर्थ पर कब्जा कर लिया। इसको लेकर आरक्षण कराए यात्रियों से उनकी कहासुनी भी हुई। मगर लोग सीट से उठने को तैयार नहीं हुए। ट्रेन के कैंसिल होने का खामियाजा आरक्षण कराने वाले यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है। उनकी सीटों पर लोग कब्जा कर रहे थे। यात्रियों का कहना था कि मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है। यह सब रेलवे की लापरवाही से हो रहा है।
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