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बवाल देख हलक में अटकी पुलिस की जान

Tue, 14 Aug 2018 11:46 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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news - फोटो : pratpgarh
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सपा नेता की हत्या के बाद जिला अस्पताल से बिहारगंज तक बवाल के चलते पुलिस की जान हलक में अटकी रही। अफसर से लेकर पुलिसकर्मी इधर से उधर भागते रहे। बवाल, हंगामा, पथराव होने के दौरान अफसरों संग भारी फोर्स भी मौजूद थी, लेकिन वे आला अधिकारियों के आदेश के इंतजार में असहाय खड़े रहे। अंतू के पुलिसकर्मी पथराव के बाद सहमे नजर आए। समय पर मदद न मिलने के कारण जान बचाने के लिए उन्हें पीछे हटना पड़ा।
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सपा नेता हरिश्चंद्र की गोली मारकर हत्या की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक बिहारगंज से लेकर जिला अस्पताल तक बवाल चलता रहा। बवाल देख पुलिस भी सहमी रही। बवाल के दौरान पुलिस अफसर ही आगे आते। कभी जिला अस्पताल तो कभी मर्चरी की ओर भागते। कभी बिहारगंज दूसरे अधिकारियों को भेजते रहे। इधर-उधर खुद भी भागते रहे और थानेदारों को भी भगाते रहे। बिहारगंज बाजार में उग्र भीड़ के उपद्रव की खबर मिलने पर मानधाता, पट्टी थाने के साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स भेजी गई। सीओ पट्टी भी मुस्तैद रहे, लेकिन बिहारगंज बाजार में अंतू पुलिस पर पथराव की खबर मिलने के बाद भी आगे नहीं बढ़ सके। रास्ता जाम होने के कारण वह दूर खड़े होकर आला अधिकारियों से बातचीत करते रहे। अफसरों के साथ खड़ी फोर्स भी बिना अनुमति के असहाय बनी रही। समय पर मदद न मिलने के कारण अंतू पुलिस पथराव से बचने के लिए जान बचाकर भागी। घटना के बाद पुलिसकर्मी सहमे दिखे। जाम खत्म होने के बाद पुलिस को ही सडक़ पर गिरे पेड़ वे बेंच-मेज को हटाने के लिए पसीना बहाना पड़ा।

एक गोली हो गई थी पार, दो बुलेट मिली
सपा नेता हरिश्चंद्र को तीन गोलियां मारी गई थीं। एक गोली दाहिने हाथ में कंधे के नीचे लगी थी, जो पार हो गई थी। एक गोली रीढ़ की हड्डी में फंसी थी। जिसे खोजने में डाक्टरों की टीम को माथापच्ची करनी पड़ी। वीडियोग्राफी के बीच डाक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम में बुलेट खोजने में विलंब होने के कारण लोग हंगामा करने लगे। रीढ़ में फंसी बुलेट को खोजने में डाक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके पहले पोस्टमार्टम न कराने को लेकर लोग अस्पताल में हंगामा करते रहे।
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पेट्रोलपंप पर आग लगाने के लिए भी थे तैयार
सपा नेता हरिशचंद्र की हत्या के बाद ग्रामीण सदर विधायक संगमलाल गुप्ता को मौके पर बुलाने की जिद करने लगे। जाम के दौरान ही कुछ लोग कहने लगे कि विधायक नहीं आएंगे। इससे आक्रोशित भीड़ करीब स्थित पेट्रोलपंप फूंकने के लिए आगे बढ़ी। हालांकि बुजुर्गों ने लोगों को समझाबुझाकर लौटाया। मामला संज्ञान में आने के बाद अफसरों ने पेट्रोल पंप पर फोर्स तैनात कर दी।

परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद, शस्त्र लाइसेंस
लोहंगपुर जामस्थल पर अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार व एसडीएम सदर एसपी सिंह को सपा के पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना व बेटे चंदन सिंह ने आर्थिक मदद, शस्त्र लाइसेंस व आरोपियों पर कार्रवाई के साथ ही दूसरी मदद उपलब्ध कराने का ज्ञापन सौंपा। जिसे अपर जिलाधिकारी ने मंजूर कर लिया। डीएम को बुलाने की जिद करने वाले ग्रामीणों को एडीएम ने समझाबुझाकर शांत करा दिया।

हत्यारोपियों पर लगाएं रासुका : आईजी
प्रतापगढ़। सपा नेता व लकड़ी ठेकेदार हरिश्चंद्र सिंह की हत्या के बाद बवाल की खबर पर आईजी मोहित अग्रवाल सोमवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे। आईजी ने परिवार के लोगों व पुलिस अफसरों से जानकारी लेने के बाद मातहतों को निर्देश दिया कि हत्यारोपियों पर रासुका और गैंगस्टर लगाया जाए। उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जिससे लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचने को मजबूर हो जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी उनके घर तैनात की जाएं। शस्त्र लाइसेेंस का आवेदन मिलते ही प्रक्रिया शुरू हो जाए।

कई दिनों से रेकी कर रहे थे शूटर, सीसीटीवी में शूटर तलाश रही पुलिस
सपा नेता हरिश्चंद्र सिंह की हत्या करने के लिए शूटर कई दिनों से रेकी कर रहे थे। सोमवार को मौका मिलने पर वारदात को अंजाम दे दिया। सपा नेता के साथ हमेशा कोई न कोई साथ रहता था। हत्यारों की बाइक का साइलेंसर फटा था। जिससे तेज आवाज भी निकल रही थी। हरिश्चंद्र के साथ दया सिंह भी था। जैसे ही दया रुपये लेने के लिए रामबली के घर गया, उसी समय अकेले सडक़ के किनारे खड़े हरिश्चंद्र को हत्यारों ने पीछे से पहुंचकर गोलियों से छलनी कर दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो सपा नेता की कई दिनों से शूटर रेकी कर रहे थे। पूरे अंती से लेकर गड़वारा तक लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों के फुटेज की तलाश पुलिस करती रही।

जिला बेहाल, हर दिन रंगदारी-हत्या और बवाल
आए दिन लूट, हत्या और रंगदारी के लिए व्यापारियों को मिल रही धमकी से जिला बेहाल है। लगातार घटनाओं से जनपद के लोग ही दहशत में नहीं हैं, बल्कि अफसर भी भयभीत रहते हैं। व्यापारी भाइयों की हत्या का खुलासा व रंगदारी की धमकी को लेकर पसीने से तरबतर खाकी के लिए फिर मुसीबत बढ़ गई है। हालांकि नामजदगी होने से पुलिस राहत महसूस कर रही है।
जिले में पुलिस का खौफ बदमाशों में नहीं रहा। लोनिवि तिराहे के पास सिपाही करन कुमार सिंह को गोली मारने के बाद जिले मेें हर दिन छोटी व बड़ी घटनाएं लगातार हो रही हैं। 25 जुलाई को कोहड़ौर बाजार में व्यापारी श्यामसुंदर और उनके भाई श्याममूरत की गोली मारकर हत्या के 21 दिन बाद भी घटना का अनावरण नहीं हो सका। देवसरा में पान विक्रेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जेठवारा में टाइनी शाखा संचालकों को दिनदहाड़े लूट लिया गया। देवसरा के अमरगढ़ बाजार में बच्चा सेठ व ढकवा के व्यापारी से रंगदारी के लिए धमकी मिली। अभी पुलिस उनकी रंगदारी की जांच पड़ताल में जुटी हुई थी। रविवार की शाम कोहड़ौर बाजार के व्यापारियों व लाखीपुर के प्रधान को फिर पांच-पांच लाख रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी मिल गई। रात भर पुलिस अधीक्षक से लेकर एएसपी पूर्वी बाजार में डटे रहे। नतीजा कुछ न निकला। सोमवार की सुबह पुलिस रंगदारी वाले मामले में हाथ पैर चला रही थी। तभी सपा नेता की हत्या की खबर ने पुलिस विभाग में हडक़ंप मचा दिया। सरेआम सडक़ पर जिस तरह से सपा नेता की हत्या की गई, इससे साफ होता है कि हत्यारों में पुलिस का कोई खौफ नहीं था। वह घटना को अंजाम देने के बाद आराम से भाग निकले। लगातार घटनाओं के चलते पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को भी शासन की कार्रवाई का भय सताने लगा है। रात के समय अफसर भी घटनास्थल पर जाने के लिए पहले भारी पुलिस फोर्स लेकर जाते हैं।
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