पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने जरियारी में मारपीट और फायरिंग की घटना में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष राधेश्याम को लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर पीआरवी से प्रदीप कुमार को भेजा है। घटना के दिन ही लाइसेंसी बंदूक की बरामदगी थानाध्यक्ष दबाए बैठे रहे।
उदयपुर थाना क्षेत्र के जरियारी निवासी रिजवान एवं वीरभान सिंह के बीच पुरानी रंजिश है। करीब छह माह से दोनों पक्षों के बीच अदावत बढ़ती ही जा रही है। शिकायतों के बाद भी पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। गत दिनों रास्ते में ट्रैक्टर खड़ा करने के विवाद में बवाल हो गया था। गोली लगने से रिजवान, मुफीस, नूर आलम व अनीस घायल हो गए।
मंगलवार को पुलिस ने दो आरोपी वीरभान सिंह व विनय सिंह को जेल भेज दिया। एसओ राधेश्याम के देर से पहुंचने एवं मामले को गंभीरता से नहीं लेने से जुड़ी खबर बुधवार के अंक में प्रकाशित की थी।
लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को नहीं भेजी गई। जिसे संज्ञान में लेते हुए एसपी ने थानाध्यक्ष को पैदल कर दिया।