जिले के 155 मदरसों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम तो लागू कर दिया गया है, मगर पुस्तकों के अभाव में गणित और विज्ञान की पढ़ाई बाधित हो रही है। इससे शिक्षक और बच्चे ऊहापोह की स्थिति में हैं। इससे पठन-पाठन बाधित हो रहा है।
उप्र मदरसा बोर्ड से संचालित जिले के 155 मदरसों में पहली बार एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित गणित और विज्ञान विषय की पढ़ाई प्रारंभ हुई है। अभी तक मदरसों में उर्दू विषय को ही प्राथमिकता दी जाती थी, मगर शासन के कड़े रुख के चलते नए शिक्षासत्र से गणित और विज्ञान की शिक्षा प्रारंभ कर दी गई है। मगर छात्र-छात्राओं के साथ सबसे बड़ी समस्या नए पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तकों का नहीं मिलना है। अधिकांश मदरसों में अभी तक नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तक नहीं होने से पढ़ाई प्रारंभ नहीं हो पाई है, जबकि कुछ मदरसे लखनऊ और दिल्ली में संपर्क कर थोक के भाव पुस्तकें मंगा रहे हैं। नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तकों के बाजार में मुहैया नहीं होने का कारण पुस्तकों की खरीद पर दुकानदारों का फायदा कम मिलना बताया जा रहा है। फिलहास अधिकांश मदरसों ने प्रकाशकों से सीधा संवाद स्थापित कर पुस्तकें मंगानी प्रारंभ कर दी है। डीआईओएस एसपी यादव ने बताया कि नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तकें मंगाई जा रही हैं, जल्द ही छात्र-छात्राओं को खुले बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी।
भाषा का चयन करने की मिली है छूट
मदरसों को भाषा का चयन करने की खुली छूट दी गई है। उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी भाषा में किसी एक का चयन कर सकते हैं। मगर उन्हें एनसीईआरटी के आधारित पाठ्यक्रम के अनुरुप से शिक्षा देना है। हालांकि अधिकांश मदरसों ने उर्दू भाषा को ही चुना है।