यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती से पहले उनके अंकपत्रों की स्क्रीनिंग होगी। बोर्ड की ओर इस बार कक्ष निरीक्षकों की तैनाती को लेकर पहल की गई है। अंकपत्रों के आधार पर ही ड्यूटी के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि वह जिस विषय के शिक्षक होंगे, उस विषय की परीक्षा के समय उनकी तैनाती नहीं होगी।
जिले में बोर्ड परीक्षा को संपादित कराने के लिए 218 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल में 62028 व इंटर में 56468 परीक्षार्थी पंजीकृत है। दरअसल, पहले कक्ष निरीक्षकों की तैनाती के लिए प्रधानाचार्यों द्वारा विद्यालय में तैनात शिक्षकों का ब्योरा कार्यालय में जमा कर दिया जाता था। उसी के अनुरूप विषयवार परीक्षा संपादित कराने के लिए शिक्षकों की तैनाती कर दी जाती थी।
कक्ष निरीक्षकों के विषय को लेकर केंद्र व्यवस्थापक मनमानी करते थे। जिस विषय के वह शिक्षक हैं। उससे अलग रिपोर्ट भेजी जाती थी। मामला संज्ञान में आने के बाद इस बार बदलाव किया गया है। इस बार उनकी शैक्षिक योग्यता की भी जांच होगी। कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र जारी करने के लिए बनाए गए काउंटर पर अंक पत्रों की जांच होगी। इसके बाद उनको परीक्षा से संबंधित कार्ड जारी किया जाएगा।
बोर्ड द्वारा उन्हीं शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उनका शैक्षिक अभिलेख भी माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड होना होगा। जिस विषय की परीक्षा होगी, उस विषय के शिक्षक की तैनाती कक्ष निरीक्षक रूप में नहीं होगी।
इससे वह परीक्षा में नकल नहीं करा सकेंगे। डीआईओएस डॉ. ओपी राय ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी तय करने में पूरी सतर्कता बरती जा रही है।