प्रतापगढ़ के रानीगंज थाने में शुक्रवार रात एक मनोरोगी युवक ने फावड़े से हमला कर अधेड़ की हत्या कर दी। मृतक को भाई के साथ हुए विवाद के बाद पुलिस थाने ले आई थी और लॉकअप के बाहर बैठाया था। रात में रेलवे लाइन के किनारे घूम रहे मनोरोगी को भी पुलिसकर्मी पकड़कर थाने ले आए और वहीं बैठा दिया। देर रात उसने कार्यालय के बगल रखा फावड़ा उठाकर अधेड़ के पेट पर वार कर दिया। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने हेडमुहर्रिर समेत तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। सीओ रानीगंज व एसओ के शिथिल पर्यवेक्षण की जांच एएसपी पूर्वी को सौंपी है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के आमापुर बेर्रा निवासी मिठाईलाल (50) का अपने सगे भाई मेवलाल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। शुक्रवार की शाम गांव के लोगों की पंचायत बुलाई गई थी। इसके बाद भी उनके बीच सहमति नहीं बनी। विवाद की सूचना पर डायल 112 मौके पर पहुंची और दोनों भाइयों को थाने उठा लाई। पुलिस अधिकारियों के आदेशों को दरकिनार करते हुए विवाद का पटाक्षेप करने के बजाए दोनों को लॉकअप के बाहर बैठा दिया। रात करीब 1 बजे डायल 112 वाहन नंबर 1998 के पुलिसकर्मी एक युवक को लेकर थाने पहुंचे। वह रेलवे लाइन के आसपास घूम रहा था। उसे भी ड्यृूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लॉकअप के बाहर बैठा दिया।
रात करीब दो बजे मनोरोगी युवक ने कार्यालय परिसर में रखे फावड़े को उठाकर सो रहे मिठाईलाल के पेट पर प्रहार कर दिया। उसकी चीख सुनकर भी पुलिसकर्मियों की नींद नहीं खुली। भाई को बचाने के लिए मेवालाल जोर-जोर से चिल्लाते हुए कार्यालय की ओर भागा। उसने पुलिसकर्मियों को जगाया। तब जाकर असहनीय दर्द से तड़प रहे मिठाईलाल को सीएचसी ले जाया गया। रात में ही परिवार के लोगों को भी बुलाया गया। पुलिस मामले को पचाने में जुटी रही। शनिवार दोपहर मिठाईलाल की तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद रानीगंज पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भेजा। यहां चिकित्सकों ने चोट के कारण उसकी आंत फटने की संभावना जताते हुए प्रयागराज रेफर कर दिया।
उसकी हालत चिंताजनक होने की खबर मिलते ही थानाध्यक्ष रानीगंज मृत्युजंय मिश्रा भी भागकर पहुंचे और उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए। रात करीब नौ बजे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने रानीगंज थाने के हेड मोहरर्रिर राजितराम गुप्ता, राजेश कुमार व आरक्षी शुभम खरवार को निलंबित कर दिया। रानीगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा व सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी के शिथिल पर्यवेक्षण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी को सौंपी है। पुलिस ने हमला करने वाले मनोरोगी इंद्रपाल निवासी शाहपुर नवाबगंज प्रयागराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस की लापरवाही से 10 घंटे तक जीवन-मौत से जूझता रहा मिठाईलाल
रानीगंज पुलिस की लापरवाही से बुजुर्ग मिठाईलाल जीवन और मौत के बीच 10 घंटे तक जूझता रहा। पेट के अंदरूनी हिस्से में आई चोट के कारण वह बार-बार बेहोश हो जा रहा था। घटना की किसी को भनक न लगे, इसके लिए सीएचसी में रखकर उसका उपचार होता रहा। करीब 12 बजे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग उसकी तड़प बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे, लेकिन पुलिस के भय से मिठाईलाल को उपचार के लिए भी कहीं नहीं ले जा पा रहे थे। 10 घंटे बाद थानाध्यक्ष रानीगंज को दर्द से तड़प रहे मिठाईलाल की याद आई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल भेजा। यहां उसकी हालत गंभीर देख डाक्टरों ने तत्काल प्रयागराज रेफर कर दिया। कोतवाली पुलिस ने एंबुलेंस से घायल मिठाईलाल को परिजनों के साथ प्रयागराज भेजा। इतनी बड़ी घटना के बाद भी थानाध्यक्ष रानीगंज लापरवाह बने रहे। अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद वह प्रयागराज रवाना हुए।
पुलिस थाने में बुजुर्ग पर हमले से भयभीत हैं परिजन
रानीगंज थाना क्षेत्र के आमापुर बेर्रा निवासी मिठाईलाल व मेवालाल के बीच हुए विवाद के बाद दोनों को पुलिस थाने लाई। यहां बुजुर्ग मिठाईलाल के ऊपर युवक ने हमला बोल दिया। थाने में हुई घटना की खबर मिलने के बाद परिजन रोते बिलखते पहुंचे। थाने के भीतर मिठाईलाल की पिटाई से परिजन सहमे रहे। इस बात की भी चर्चा होती रही कि थाने के भीतर पुलिसकर्मियों ने भी दोनों भाइयों पर गुस्सा उतारा था।
सांस थमने के बाद भी वेंटीलेटर पर रखवाया
रानीगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा हमेशा चर्चा में रहे हैं। जेठवारा में काफी दिनों बाद तैनाती मिलने के कुछ दिनों बाद ही पुलिस अधीक्षक ने उन्हें थाने से हटाते हुए रानीगंज भेजा था। इसके पूर्व सांगीपुर, लालगंज व नगर कोतवाली की कमान संभालने के दौरान भी वह चर्चा में रहे। मिठाईलाल की मौत के बाद उसका बेटा बिलखने लगा। वहां मौजूद थानाध्यक्ष रानीगंज यह जानते हुए भी उसे एक घंटे तक वेंटीलेटर पर रखवा दिए।