नवजात शिशु के लिए मां का दूध संपूर्ण आहार होता है। मां के दूध से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बच्चों में विकसित होती है। यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.विनोद पांडेय ने गुरुवार को जिला अस्पताल के सभागार में कहीं।
नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के तहत कार्यशाला के दौरान उन्होंने कहा कि स्तनपान शिशु और मां दोनों के लिए जरूरी है। नवजात बच्चों को दिन में पांच बार और रात में तीन बार दूध पिलाना चाहिए। बच्चों को मां का दूध छह माह तक मिलना चाहिए। साफ सफाई के साथ ही बच्चों में टीकाकरण भी जरुरी है।
बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रसव के बाद बच्चों को आशा की निगरानी में रखना चाहिए। बच्चा कुपोषित न हो इसके लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कम वजन वाले शिशु की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएमएस डा. एसी त्रिपाठी, डा. पार्वती सिंधी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।